
'उम्मीद है लोग समझेंगे एक पिता और राष्ट्रपति ने यह फैसला क्यों लिया...', बेटे को सभी अपराधों से दोषमुक्त कर बोले राष्ट्रपति बाइडेन
AajTak
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन का यह फैसला उनके उसे वादे पर यूटर्न है, जिसमें उन्होंने अपने परिवार को लाभ पहुंचाने के लिए अपने शक्तियों का इस्तेमाल नहीं करने की बात कही थी.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अवैध तरीके से बंदूक रखने और टैक्स चोरी के मामले में अपने बेटे को माफी दे दी है. बाइडेन का यह फैसला उनके उसे वादे पर यूटर्न है, जिसमें उन्होंने अपने परिवार को लाभ पहुंचाने के लिए अपने शक्तियों का इस्तेमाल नहीं करने की बात कही थी.
राष्ट्रपति बाइडेन ने बयान जारी कर कहा कि आज, मैंने बेटे हंटर को माफी दे दी है. जब से मैंने राष्ट्रपति का कार्यभार संभाला है, मैंने कहा है कि न्याय विभाग के फैसलों में दखल नहीं दूंगा और मैंने अपना ये वादा निभाया भी है. लेकिन मैंने देखा कि मेरे बेटे को निशाना बनाया जा रहा है और गलत तरीके से उस पर मुकदमा चलाया गया. उस पर लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित थे.
बाइडेन ने कहा कि जो भी समझदार शख्स हंटर के केस को फॉलो कर रहा होगा, वह समझ जाएगा कि उसे जानबूझकर निशाना बनाया गया. बाइडेन ने कहा कि उन्होंने इस वीकेंड पर ही यह फैसला ले लिया था. मुझे लगता है कि अमेरिकी समझेंगे कि एक पिता और राष्ट्रपति ने यह फैसला क्यों लिया.
इससे पहले बाइडेन ने कहा था कि वह डेलावेयर और कैलिफोर्निया में दो चल रहे दोनों मामलों में न ही अपने बेटे हंटर को माफी देंगे और न ही उसकी सजा में हस्तक्षेप करेंगे.
हंटर पर कौन-कौन से आरोप?
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन के बेटे हंटर बाइडेन पर टैक्स चोरी से लेकर गैरकानूनी रूप से हथियार रखने, सरकारी पैसे का गलत इस्तेमाल करने और झूठी गवाही देने जैसे आरोप हैं.

केरल स्टोरी 2 फिल्म को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. मुस्लिम पक्ष इस फिल्म को राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी सरकार का प्रोपेगेंडा बता रहा है. दूसरी ओर, फिल्म मेकर और सरकार के समर्थक कह रहे हैं कि जो भी घटनाएं हुई हैं, उन्हीं पर इस फिल्म की कहानी आधारित है. इसी बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इस फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

मेघालय के शिलॉन्ग से लोकसभा सांसद रिकी एंड्रयू जे सिंगकों का फुटसल खेलते समय अचानक गिरने के बाद निधन हो गया. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. सक्रिय जनसंपर्क और क्षेत्रीय मुद्दों को संसद में उठाने वाले सिंगकों के निधन से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में गहरा शोक है.











