
उत्तर भारत में भीषण गर्मी के बीच बाढ़ से जूझ रहे असम-मणिपुर, लाखों लोग प्रभावित
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असम में चक्रवात रेमल के बाद लगातार बारिश के कारण 9 जिलों में बाढ़ की स्थिति से दो लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. 28 मई से राज्य में बाढ़, बारिश और तूफान में कुल मिलाकर छह लोगों की मौत हो गई है. वहीं मणिपुर का राजभवन भी बाढ़ के पानी से लबालब हो चुका है. अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि चक्रवात रेमल के बाद पिछले कुछ दिनों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण मणिपुर के राजभवन में जलभराव हो गया है.
उत्तर भारत समेत देश के कई राज्य भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं. कई जगह तो पारा 50 डिग्री को भी पार कर चुका है. वहीं नॉर्थ ईस्ट में बारिश लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है. आलम ये है कि असम और मणिपुर जैसे राज्यों में नदियां उफान पर हैं. बाढ़ जैसी स्थिति उतपन्न होने से कई लोगों की मौत भी हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं. इसके मद्देनजर इन राज्यों में अलर्ट भी जारी किया गया है और लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट कराया जा रहा है.
असम में चक्रवात रेमल के बाद लगातार बारिश के कारण 9 जिलों में बाढ़ की स्थिति से दो लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. 28 मई से राज्य में बाढ़, बारिश और तूफान में कुल मिलाकर छह लोगों की मौत हो गई है. वहीं मणिपुर का राजभवन भी बाढ़ के पानी से लबालब हो चुका है. अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि चक्रवात रेमल के बाद पिछले कुछ दिनों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण मणिपुर के राजभवन में जलभराव हो गया है. इंफाल घाटी में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ में तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि हजारों लोग प्रभावित हुए हैं.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इंफाल नदी के तटबंधों के कई स्थानों पर टूट जाने के बाद राजभवन परिसर में पानी जमा हो गया. उन्होंने कहा, "पिछले दो दिनों की तुलना में राजभवन में स्थिति में काफी सुधार हुआ है. समग्र मौसम की स्थिति के आधार पर जल्द ही पानी भरे क्षेत्रों को साफ कर दिया जाएगा."
मणिपुर के राज्यपाल ने किया निरीक्षण
इस बीच, मणिपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) के प्रवक्ता निंगोमबाम बुपेंडा ने एक्स पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा: "राजभवन बाढ़ में डूब रहा है. मणिपुर के राज्यपाल को राजभवन में जलस्तर की जांच करते देखना दुर्लभ है. इंफाल में अभूतपूर्व बाढ़ के कारण इंफाल क्षेत्र का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया है. उन्होंने कहा कि बाढ़ के स्तर को तेजी से कम करने की जरूरत है.

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