
उज्बेकिस्तान के आरोप के बाद सिरप कंपनी का लिया गया सैंपल, जांच के लिए भेजा
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उज्बेकिस्तान के आरोप के बाद भारत में दवा बनाने वाली कंपनी का सैंपल ले लिया गया है. दवा बनाने वाली कंपनी Marion Biotech से 27 दिसंबर को सेंट्रल और लोकल जांच एजेंसी 5 सैंपल लेकर गई हैं. इनमें सिरप, टैबलेट और सिरप में मिलाया जाने वाला रॉ मैटेरियल शामिल है.
उज्बेकिस्तान ने अपने यहां 18 बच्चों की मौत के लिए भारतीय दवा कंपनी को जिम्मेदार ठहराया है. उज्बेकिस्तान के आरोप के बाद ड्रग्स अधिकारियों ने दवा बनाने वाली कंपनी के प्लांट का बीते 27 दिसंबर को निरीक्षण किया और Doc 1-Max कफ सिरप के सैंपल लिए. इन सैंपल को जांच के लिए भेज दिया गया है. इसको लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में आज मीटिंग भी हो सकती है.
दवा बनाने वाली कंपनी Marion Biotech से 27 दिसंबर को सेंट्रल और लोकल जांच एजेंसी 5 सैंपल लेकर गई हैं. इनमें सिरप, टैबलेट और सिरप में मिलाया जाने वाला रॉ मैटेरियल शामिल है. कंपनी यहां 2010 से रजिस्टर्ड है. राहत की बात यही है कि कंपनी का इंडिया में मार्केट नहीं है.
2012 में उज्बेकिस्तान में रजिस्टर्ड हुई थी कंपनी
उज्बेकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा था कि Marion Biotech pvt Ltd को 2012 में देश में रजिस्टर्ड किया गया था. केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन के सूत्रों ने खुलासा किया कि इस कंपनी द्वारा निर्मित ‘डॉक -1 मैक्स’ सिरप वर्तमान में भारतीय बाजार में नहीं बेचा जा रहा है.
गाम्बिया ने भारतीय दवा कंपनी पर लगाए थे आरोप
इससे पहले अक्टूबर महीने में अफ्रीकी देश गाम्बिया ने आरोप लगाया था कि भारत में निर्मित सिरप से उनके यहां 66 बच्चों की मौत हो गई थी. हालांकि इस बात की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है कि भारतीय कफ सिरप की वजह से बच्चों की मौत हुई. मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार ने जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया था.

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