
'ईरान-हिज्बुल्ला को चुकानी होगी भारी कीमत', घर पर ड्रोन हमले से भड़के नेतन्याहू, दी खुली चेतावनी
AajTak
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के घर पर ड्रोन से अटैक किया गया. तीन ड्रोन से किये गए इस हमले में दो ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया, लेकिन तीन में से एक पीएम आवस के नजदीक एक बिल्डिंग में जाकर गिरा.
घर पर हुए ड्रोन हमले के बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान और हिज्बुल्ला को खुली चुनौती दी है. नेतन्याहू ने चेतावनी देते हुए कहा है कि उन्हें और उनकी पत्नी को निशाना बनाने की कोशिश करके ईरान और हिज्बुल्ला ने बड़ी गलती की है और अब उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी.
नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर कहा,'ईरान के प्रॉक्सी हिज्बुल्ला ने आज मेरी पत्नी और मुझे मारने की कोशिश करके एक बड़ी गलती की. इस घटना से वो जंग किसी कीमत पर नहीं रुकेगी, जो मैं या इजराइल अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए दुश्मनों से लड़ रहे हैं.'
'गाजा से बंधकों को लेकर आएंगे'
इजरायली पीएम ने आगे कहा,'मैं ईरान और उसके सहयोगियों से कहना चाहूंगा कि जो भी इजरायल के नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. हम आतंकियों और उन्हें भेजने वालों को खत्म करने का काम जारी रखेंगे. हम अपने बंधकों को गाजा से वापस लाएंगे.'
बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा,'हम अपने नागरिकों को सुरक्षित रूप से उनके घरों में वापस लाएंगे, जो हमारी उत्तरी सीमा पर रहते हैं. इजराइल जंग के अपने सभी उद्देश्यों को हासिल करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षा की वास्तविकता को बदलने के लिए दृढ़ संकल्पित है.'
पीएम आवास के पास गिरा एक ड्रोन

ईरान की राजधानी तेहरान में होने वाले विरोध प्रदर्शनों ने हालात को काफी गंभीर बना दिया है. जनता और सत्ता पक्ष के बीच भारी तनाव है जबकि अमेरिका भी लगातार दबाव बढ़ा रहा है. ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर तगड़ा हमला किया है. वहीं, अरब सागर की ओर अमेरिकी युद्धपोत की मौजूदगी से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.

मिडिल ईस्ट में अमेरिका के बढ़ते सैन्य दबाव के बीच सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि चीन ने ईरान को अब तक का सबसे बड़ा मिलिट्री एयरलिफ्ट भेजा है. 56 घंटों के भीतर चीन के 16 Y-20 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान ईरान पहुंचे. इसके अलावा HQ-9B एयर डिफेंस मिसाइल प्रणाली मिलने की भी चर्चा है जो लंबी दूरी तक दुश्मन के फाइटर जेट्स और मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम मानी जाती है. ऐसे में क्या क्या खुलकर ईरान के समर्थन में उतर गया बीजिंग?

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से पहले पाकिस्तान पर दबाव और विरोध का स्तर बढ़ गया है. पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने स्थानीय सड़कों पर पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए, जिनमें पाकिस्तानी सेना और प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगे. वे आरोप लगाते हैं कि सेना जबरन गायब करने, फर्जी मुठभेड़ों में हत्याओं और खनिज संसाधनों की लूट में शामिल है.

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद जायेद अल नहयान के भारत दौरे ने पाकिस्तान में फिर से पुरानी डिबेट छेड़ दी है. पाकिस्तान के विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तानी नेतृत्व की वजह से हमें भारत की तुलना में हमेशा कमतर आंका जाता है. पाकिस्तान में इस दौरे को मिडिल ईस्ट मे पैदा हुए हालात और सऊदी अरब -पाकिस्तान के संबंधों के बरक्श देखा जा रहा है.

यूरोप में कुछ बेहद तेजी से दरक रहा है. ये यूरोपीय संघ और अमेरिका का रिश्ता है, जिसकी मिसालें दी जाती थीं. छोटा‑मोटा झगड़ा पहले से था, लेकिन ग्रीनलैंड ने इसे बड़ा कर दिया. डोनाल्ड ट्रंप लगातार दोहरा रहे हैं कि उन्हें हर हाल में ग्रीनलैंड चाहिए. यूरोप अड़ा हुआ है कि अमेरिका ही विस्तारवादी हो जाए तो किसकी मिसालें दी जाएंगी.








