
ईरान में आए 5.9 तीव्रता के भूकंप में अब तक 7 की मौत, 400 से ज्यादा घायल
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ईरान के खोय शहर में शनिवार को आए भूकंप में अब तक सात लोगों की मौत हो गई और करीब 440 लोग घायल हो गए हैं. भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.9 मापी गई. भूकंप के झटके आस-पास के कई शहरों में महसूस किए गए. संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने इसकी जानकारी दी.
ईरान के खोय शहर में शनिवार को आए भूकंप में अब तक 7 लोगों की मौत हो गई है और करीब 440 लोग घायल हो गए हैं. भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.9 मापी गई. संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने इसकी जानकारी दी. भूकंप के झटके आस-पास के कई शहरों में महसूस किए गए. भूकंप की जानकारी मिलने के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है. घायलों को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
भूकंप तुर्की-ईरान सीमा के पास उत्तर पश्चिमी ईरान के पश्चिम अजरबैजान प्रांत के खोय शहर में आया. इसके अलावा ईरान के शहर इस्फहान के सैन्य संयंत्र में तेज धमाके की आवाज भी सुनाई दी है. यह 23:44:44 (यूटीसी+05:30) पर आया हुआ और खोय में जमीन से 10 किमी अंदर टकराया.
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार भूकंप के झटके काफी तेज थे और ईरान के पश्चिम अजरबैजान प्रांत के कई इलाकों में महसूस किए गए.
भूकंप आने की क्या है वजह? धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी हुई है. इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट. क्रस्ट और ऊपरी मैनटल कोर को लिथोस्फेयर कहा जाता है. ये 50 किलोमीटर की मोटी परत कई वर्गों में बंटी हुई है जिन्हें टैकटोनिक प्लेट्स कहा जाता है. यानि धरती की ऊपरी सतह 7 टेक्टोनिक प्लेटों से मिलकर बनी है. ये प्लेटें कभी भी स्थिर नहीं होती, ये लगातार हिलती रहती हैं, जब ये प्लेटें एक दूसरे की तरफ बढ़ती है तो इनमें आपस में टकराव होता है.
कई बार ये प्लेटें टूट भी जाती हैं. इनके टकराने से बड़ी मात्रा में ऊर्जा निकलती है जिससे इलाके में हलचल होती है. कई बार ये झटके काफी कम तीव्रता के होते हैं, इसलिए ये महसूस भी नहीं होते. जबकि कई बार इतनी ज्यादा तीव्रता के होते हैं, कि धरती फट तक जाती है.
भूकंप आए तो क्या करें भूकंप आने पर सबसे पहले खुद को शांत रखें और घबराएं नहीं. जल्द आस-पास मौजूद टेबल के नीचे छिप जाएं. झटके खत्म होने तक टेबल के नीचे ही रहें. अगर दरवाजे के आस-पास हैं तो तुरंत निकलकर किसी खुले मैदान या खुली जगह पर चले जाएं. बाहर निकलते समय लिफ्ट का इस्तेमाल न करें और बाहर आने के बाद पेड़, दीवार और खंभों से दूर रहें. भूकंप के दौरान अगर गाड़ी के अंदर हैं तो गाड़ी तुरंत रोक दें.

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