
ईरान के सुप्रीम नेता ने फिलिस्तीन पर अब मुस्लिम देशों से की ये अपील
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ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खुमैनी ने फिलिस्तीनी बलों को मजबूत बनाने, आर्थिक मदद मुहैया कराने या गाजा में नष्ट हुए बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के जरिये मदद मुहैया कराने का आह्वान किया है.
इजरायल के संघर्षविराम को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खुमैनी ने फिलिस्तीन के जीत करार दिया है. उन्होंने इजरायल के साथ संघर्षविराम के प्रभावी होने के बाद गाजा पट्टी में फिलिस्तीनियों को मुबारकबाद दी है. साथ ही खुमैनी ने इस युद्धविराम संधि को "यहूदी शासन पर जीत" करार दिया है. फिलिस्तीन का चरमपंथी संगठन सीजफायर को अपनी जीत के तौर पर देख रहा है. गाजा में लोगों ने संघर्षविराम के ऐलान के बाद जश्न मनाया. (फोटो-Getty Images) ईरान की सरकारी टीवी वेबसाइट के मुताबिक शुक्रवार को फिलीस्तीनियों को संबोधित खुमैनी ने एक पत्र जारी किया. इसमें खुमैनी ने गाजा पर हमले को अंतरराष्ट्रीय अदालतों में इजरायल और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ मुकदमा चलाने का भी आग्रह किया. (फोटो-Getty Images)
वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











