
ईरान के दो दिवसीय दौरे पर एस जयशंकर, विदेश मंत्री से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों पर की चर्चा
AajTak
मुलाकात के दौरान क्षेत्र में नौवहन से जुड़े खतरों के बारे में भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई. ईरान की समाचार एजेंसी ‘आईआरएनए’ ने कहा, “उन्होंने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर भी चर्चा की.” इससे पहले सोमवार को जयशंकर ने अपने ईरान में सड़क और शहरी विकास मंत्री मेहरदाद बज्रपाश से मुलाकात करके अपने कार्यक्रम की शुरुआत की.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को यहां अपने ईरान के समकक्ष होसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और विकसित करने पर चर्चा की तथा क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विकास की समीक्षा की, जयशंकर दोनों पक्षों के बीच जारी उच्च स्तरीय संवाद के तहत ईरान के दौरे पर हैं. जयशंकर ने अमीर-अब्दुल्लाहियन की तेहरान में हुई मुलाकात के दौरान चाबहार बंदरगाह और उत्तर-दक्षिण संपर्क परियोजना में भारत की भागीदारी के लिए दीर्घकालिक रूपरेखा पर चर्चा की.
नौवहन से जुड़े खतरों के बारे में चर्चा मुलाकात के दौरान क्षेत्र में नौवहन से जुड़े खतरों के बारे में भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई. ईरान की समाचार एजेंसी ‘आईआरएनए’ ने कहा, “उन्होंने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर भी चर्चा की.” इससे पहले सोमवार को जयशंकर ने अपने ईरान में सड़क और शहरी विकास मंत्री मेहरदाद बज्रपाश से मुलाकात करके अपने कार्यक्रम की शुरुआत की. मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह पर दीर्घकालिक सहयोग ढांचा स्थापित करने पर विस्तृत और “सार्थक” चर्चा की.
जयशंकर ने बज्रपाश के साथ अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (आईएनएसटीसी) पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया. उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “तेहरान में मेरे दौरे की शुरुआत सड़क और शहरी विकास मंत्री मेहरदाद बज्रपाश से मुलाकात के साथ हुई. चाबहार बंदरगाह के संबंध में दीर्घकालिक सहयोग ढांचा स्थापित करने पर विस्तृत और सार्थक चर्चा. अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया.”
ऊर्जा संपन्न ईरान के दक्षिणी तट पर सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में स्थित, चाबहार बंदरगाह संपर्क और व्यापार संबंधों को बढ़ावा देने के लिए भारत और ईरान द्वारा विकसित किया जा रहा है. भारत क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए चाबहार बंदरगाह परियोजना पर जोर दे रहा है, खासकर अफगानिस्तान से इसके संपर्क के लिए.
ताशकंद में 2021 में एक संपर्क(कनेक्टिविटी) सम्मेलन में जयशंकर ने चाबहार बंदरगाह को अफगानिस्तान सहित एक प्रमुख क्षेत्रीय पारगमन केंद्र के रूप में पेश किया था. चाबहार बंदरगाह को आईएनएसटीसी परियोजना के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में भी देखा जाता है. जयशंकर की तेहरान की नियोजित यात्रा इजराइल-हमास संघर्ष के बीच लाल सागर में व्यापारिक जहाजों को हूती आतंकवादियों द्वारा निशाना बनाए जाने पर बढ़ती वैश्विक चिंताओं की पृष्ठभूमि में हो रही है.

बांग्लादेश में आगामी 12 फरवरी के चुनाव से पहले अमेरिकी राजदूत की जमात-ए-इस्लामी प्रमुख डॉ शफीकुर रहमान से मुलाकात ने सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है. इस बातचीत का फोकस चुनाव, राज्य सुधार, अर्थव्यवस्था, व्यापार और रोहिंग्या संकट पर रहा. अमेरिका की जमात से बढ़ती नजदीकियों को आगामी चुनाव में उसके संभावित बड़े रोल से जोड़कर देखा जा रहा है.

अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में हाल में एक संघीय अधिकारी की गोली से नर्स एलेक्स जेफ्री प्रेटी की मौत हो गई थी. जिसके बाद से अमेरिका में पुलिस और फेडरल एजेंसियों की कार्रवाई, विरोध-प्रदर्शनों में जाने वालों और आम नागरिकों की जान की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. इस बीच वॉशिंगटन में प्रेटी की याद में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला. देखें अमेरिका से जुड़ी 10 बड़ी खबरें.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.







