
ईरान-इजरायल जंग रोकने के लिए बैकडोर डिप्लोमेसी! अमेरिका और अरब देश कर रहे ये कोशिश
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कहा जा रहा है कि इजरायल फिलहाल इस बैकडॉर बातचीत में शामिल नहीं है लेकिन उन्हें इस बारे में बता दिया गया है. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन प्रयासों से गाजापट्टी पर कितना असर पड़ेगा.
इस समय मिडिल ईस्ट ज्वालामुखी के ढेर पर बैठा है, जो किसी भी वक्त भारी तबाही मचा सकता है. कई मोर्चों पर जंग लड़ रहा इजरायल शांत बैठने के मूड में तो कतई नहीं है. लेकिन अमेरिका और अरब देशों ने सीजफायर को लेकर ईरान के साथ बातचीत शुरू कर दी है.
इजरायल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और अरब देशों ने मिडिल ईस्ट में सभी मोर्चों पर एक साथ लड़ी जा रही जंग को रोकने के लिए कथित तौर पर ईरान के साथ बैकडॉर बातचीत शुरू कर दी है.
कहा जा रहा है कि इजरायल फिलहाल इस बैकडॉर बातचीत में शामिल नहीं है लेकिन उन्हें इस बारे में बता दिया गया है. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन प्रयासों से गाजापट्टी पर कितना असर पड़ेगा.
रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने अभी तक इस बैकडॉर बातचीत को लेकर अमेरिका को अपनी स्थिति के बारे में नहीं बताया है. इजरायल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हम फिलहाल मजबूत स्थिति में है. सीजफायर हमारी शर्तों पर होगा. इन शर्तों में इजरायली सीमावर्ती इलाकों में हिज्बुल्लाह के सभी सैन्य ठिकानों को नष्ट करना भी शामिल है.
यह रिपोर्ट ऐसे समय पर सामने आई है, जब हिज्बुल्लाह लेबनान में सीजफायर चाहता है. हिज्बुल्लाह के डिप्टी लीडर नईम कासिम ने हाल ही में कहा था कि उनका संगठन इजरायल के खिलाफ हमास और फिलिस्तीन के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा. बता दें कि नसरल्लाह के बाद कासिम ही अभी हिज्बुल्लाह के शीर्ष अधिकारियों में शामिल है. उन्होंने सीजफायर के लिए लेबनान की संसद के स्पीकर नबीह बेरी के उन प्रयासों का समर्थन किया है, जिन्होंने बिना किसी शर्त पर सीजफायर की पैरवी की.
कासिम ने कहा कि हम सीजफायर के लिए बेरी की अगुवाई का समर्थन करते हैं. अगर इजरायल जंग जारी रखेगा तो युद्ध के मैदान में ही इसका फैसला होगा.

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