
इस्लामिक नहीं रहेगा ये देश, संविधान में होने जा रहा बदलाव
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ट्यूनीशिया का संविधान बदलने जा रहा है. नए संविधान का मसौदा बनकर तैयार हो गया है और इसे राष्ट्रपति को सौंप दिया गया है. यह नया संविधान 2014 के संविधान की जगह लेगा. इससे पहले 25 जुलाई को देश में जनमत संग्रह होगा.
उत्तरी अफ्रीकी देश ट्यूनीशिया में नए संविधान को लेकर तैयारियां चल रही हैं. इसके लिए बाकायदा मसौदा तैयार कर लिया गया है, जिसके बाद अब राष्ट्रपति कैस सैयद ने कहा है कि नए संविधान में ट्यूनीशिया को इस्लामिक राष्ट्र नहीं घोषित किया जाएगा.
बता दें कि ट्यूनीशिया में 25 जुलाई को जनमत संग्रह होने जा रहा है.
राष्ट्रपति सैयद ने कहा, हम एक ऐसे स्टेट की बात नहीं कर रहे हैं जिसका धर्म इस्लाम है लेकिन हम एक राष्ट्र की बात करेंगे जिसका धर्म इस्लाम है और नेशन, स्टेट से अलग होता है. सैयद कहना चाह रहे हैं कि ट्यूनीशिया का कोई राजकीय धर्म नहीं होगा लेकिन एक राष्ट्र के तौर पर धर्म इस्लाम है.
सैयद को सोमवार को नए संविधान का मसौदा सौंपा गया और ऐसी संभावना है कि वह 25 जुलाई को होने वाले जनमत संग्रह से पहले इसे मंजूरी दे सकते हैं.
बता दें कि एक साल पहले 25 जुलाई को ही राष्ट्रपति ने ट्यूनीशिया में सभी कार्यकारी शक्तियों को नियंत्रित करने का आदेश दिया था.
ट्यूनीशिया में नए संविधान का मसौदा तैयार करने वाले नेशनल कंसल्टेटिव कमिशन के समन्वयक साडोक बेलेड ने छह जून को कहा था कि वह राष्ट्रपति सैयद को जो मसौदा सौंपेगे, उसमें ऐसा कोई संकेत नहीं होगा जिससे पता चल सके कि इस्लाम स्टेट रिलीजन है.

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