
इमरान खान ने चेताया, 1971 की जंग वाली गलती दोहरा रहा पाकिस्तान
AajTak
इमरान खान एक बार फिर पाकिस्तान की सेना पर बरसे हैं और उन्होंने कहा है कि देश के फैसले चंद लोग मिलकर बंद कमरों के अंदर लेते हैं. उन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध का जिक्र करते हुए कहा है कि पाकिस्तान की सेना के कारण पाकिस्तान का विभाजन हुआ और 90 हजार पाक सैनिक बंदी बना लिए गए.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने सेना पर आरोप लगाया है कि उसके अत्याचार के कारण ही पाकिस्तान का विभाजन हुआ और बांग्लादेश बना. खान का कहना है कि पाकिस्तान की सेना ने पूर्वी पाकिस्तान के लोगों पर अत्याचार किया जिस कारण लोगों में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा भर गया और उन्होंने विद्रोह कर दिया. सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में इमरान खान ने 1971 के भारत-पाक युद्ध में पाक आर्मी की हार पर बात की है.
पीटीआई प्रमुख ने हाल ही में उनकी गिरफ्तारी के बाद देश भर में हुए प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा, 'यहां पर इन्होंने इतना खौफ...हिरासत, डरा कर, लोगों को डंडे मारकर समझ रहे हैं कि उन्हें कंट्रोल कर लेंगे. मैं आज फिर से याद दिलाना चाहता हूं ईस्ट पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) का...मेरी जिंदगी में हुआ ईस्ट पाकिस्तान...मार्च 1971 को मैं वहां मैच खेलने गया था ईस्ट पाकिस्तान के अंडर-19 के खिलाफ. हमारा जो जहाज वापस आया वो आखिरी जहाज था...मुझे अभी भी याद है कि वहां कितनी नफरत हो गई थी पाकिस्तान के खिलाफ..लेकिन हमें तो उस बारे में पता ही नहीं चला.'
इमरान खान ने कहा कि जिस तरह आज फौज ने पाकिस्तान में इंटरनेट सेवाओं को बाधित कर रखा है, वैसे ही साल 1971 में मीडिया को कंट्रोल किया गया था ताकि लोगों को असल हालात का पता न चले.
उन्होंने कहा, 'जैसे आज इन्होंने मीडिया कंट्रोल कर रखा है तब भी ये मीडिया कंट्रोल कर रहे थे. फर्क ये है कि आज सोशल मीडिया है और इन्होंने सोशल मीडिया भी बंद कर दिया...मुल्क को कितना नुकसान हुआ. सिर्फ इसलिए कि इमरान खान को पकड़ना था और लोगों की प्रतिक्रिया इन्हें नहीं दिखाना था...ईस्ट पाकिस्तान में भी यही हुआ. सभी अखबारों पर नियंत्रण था और हमें तो खबर ही नहीं मिल रही थी. मैं तो इंग्लैंड गया वहां मुझे पता चला कि ईस्ट पाकिस्तान में क्या हुआ.'
'लोगों के साथ जुल्म हुआ, मुल्क गंवा दिया'
इमरान खान ने सेना पर पूर्वी पाकिस्तान में अत्याचार करने का आरोप लगाते हुए आगे कहा, 'आज हमें समझना चाहिए कि ईस्ट पाकिस्तान के लोगों के साथ कितना बड़ा जुल्म हुआ. उनकी जो पार्टी चुनाव जीती, जिसको प्रधानमंत्री बनना चाहिए था, उसके खिलाफ मिलिट्री एक्शन कर दिया. मुल्क गंवा दिया, तबाह कर दिया...हमारे 90 हजार फौजी कैदी बन गए. आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते कि मुल्क को कितना नुकसान हुआ.'

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है जो पहले वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो को मिला था. मचाडो ने यह पुरस्कार ट्रंप को सौंपा और ट्रंप ने इसे खुशी-खुशी स्वीकार किया. यह घटना राजनीतिक जगत में खास तूल पकड़ रही है और दोनों नेताओं के बीच इस सम्मान के आदान-प्रदान ने चर्चा का विषय बना है. ट्रंप के लिए यह एक बड़ा सम्मान है जिसका उन्होंने खुले दिल से स्वागत किया.

अमेरिका ने ईरान पर हमले की चेतावनी के बाद अपने कदम फिलहाल वापस ले लिए हैं. हाल तक अमेरिका ईरान की हवाई और समुद्री घेराबंदी कर रहा था, लेकिन अब उसने मामले को डिप्लोमेसी के माध्यम से सुलझाने का अंतिम मौका दिया है. ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी देने का फैसला किया था, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने आर्मी को हमले के लिए तैयार रहने का आदेश दिया था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की उनकी योजना का समर्थन न करने वाले देशों पर टैरिफ लगाया जा सकता है. इस बयान से यूरोपीय सहयोगियों के साथ तनाव बढ़ गया है. अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच बातचीत जारी है, जबकि डेनमार्क और कई यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड में सैन्य मौजूदगी बढ़ाने का फैसला किया है.

पाकिस्तान एक बार फिर भारत की सीमा में ड्रोन भेज रहा है. जनवरी से जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में छोटे और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन देखे गए हैं. सेना के मुताबिक ये आत्मघाती ड्रोन नहीं बल्कि निगरानी के लिए भेजे गए यूएवी हैं. माना जा रहा है कि पाकिस्तान भारत की सुरक्षा तैयारियों और प्रतिक्रिया समय को परखने की कोशिश कर रहा है.

भारत की विदेश नीति में राजनयिक तंत्र और राजनीतिक दबाव के बीच अंतर दिख रहा है. बांग्लादेश के साथ रिश्तों में नरमी के संकेत मिलने के बाद भी क्रिकेटर मुस्ताफिजुर रहमान को आईपीएल से हटाने का फैसला विवादित रहा है. इस फैसले के बाद बांग्लादेश ने भी कह दिया है कि वो टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगा.








