
इन 3 संकेतों से जानें कि सामने वाला इंसान आपसे कर रहा है चुगली
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Gossip vs venting: कई लोगों को गॉसिप करने और सुनने में मजा आता है. कई मामलों में गॉसिप भड़ास का रूप ले लेती है. अब ऐसे में पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि आप गॉसिप कर रहे हैं या भड़ास निकाल रहे हैं.
Gossip vs venting: गॉसिप हर कहीं होती है और कई लोगों को गॉसिप करना पसंद भी होता है. अब चाहे वो दोस्तों के बीच की गॉसिप हो, पड़ोसियों की गॉसिप हो या बेस्ट फ्रेंड वाली गॉसिप हो. गॉसिप से बचना लगभग असंभव होता है. कई बार लोग भड़ास निकालते निकालते दूसरों की चुगली करने लगते हैं जिससे आपके रिश्तों को ही नुकसान पहुंचता है. रिलेशनशिप थेरेपिस्ट नैयला वॉरेन ने इंटरव्यू के दौरान बताया कि गॉसिप या चुगली में कई बार किसी की कहानी को बढ़ा-चढ़ाकर या गलत तरीके से बता दिया जाता है. कई बार लोग अफवाह उड़ाने के इरादे से भी गॉसिप करते हैं या पहले से हो रही गॉसिप में शामिल हो जाते हैं. लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि आप जिस इंसान के बारे में गॉसिप कर रहे हैं, उससे वह दुखी हो जाए. अपने इमोशन को निकलना या भड़ास निकालना तो फिर भी ठीक है लेकिन अगर गॉसिप से ना केवल आप दूसरों को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि अपनी छवि भी खराब करते हैं. तो चलिए जानते हैं भड़ास निकालने और गॉसिप करने में क्या है फर्क.
पर्सनल बातों के साथ नाम बताना है गॉसिप
वॉरेन का कहना है कि अगर कोई मिर्च-मसाला लगाकर बात बताता है तो हर कोई उसे सुनने में इंटरेस्ट दिखाता है और मौका आने पर किसी तीसरे को भी बता सकता है. दरअसल, जब कोई किसी और की बातों को उसकी पहचान के साथ किसी तीसरे को बता देता है, वह गॉसिप है. अगर आप बात करते वक्त व्यक्ति का नाम और पहचान भी बता रहे हैं तो ऐसा करने से बचें.अपने ऊपर बीते तो भड़ास है
आपके साथ कई ऐसी चीजें होती हैं जिन्हें आप किसी से शेयर करना चाहते हैं. समय के साथ यदि आप किसी को नहीं बताएंगे तो आपका गुस्सा बढ़ता जाता है और अगर आप इस स्थिति में किसी को अपने ऊपर बीती हुई चीजें बताते हैं तो वो भड़ास निकालना कहलाएगा.
उदाहरण के लिए मानकर चलें आपका किसी के साथ झगड़ा हुआ और आप अपने दोस्त को अपने ऊपर बीती हुई बात बताते हैं तो उससे समय आपकी फीलिंग्स गुस्से या दुख वाली हो सकती हैं. जब आप अपने किसी खास को ये आपबीती बताएंगे तो वह आपकी भड़ास सुनेगा भी और सही सलाह भी देगा.
दूसरे के बारे में राय बदलने की कोशिश भी गॉसिप है

Chalisa Yog: ज्योतिष शास्त्र में चालीसा योग उस स्थिति को कहा जाता है जब दो ग्रह आपस में 40 अंश (डिग्री) की दूरी पर स्थित होते हैं. इस योग का नाम ही “चालीसा” है, क्योंकि इसका संबंध 40 अंश के अंतर से होता है. चालीसा योग का प्रभाव हर राशि पर समान नहीं होता. यह ग्रहों की स्थिति, भाव और व्यक्ति की कुंडली पर निर्भर करता है कि यह योग शुभ फल देगा या सावधानी की जरूरत पैदा करेगा.

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