
इजरायल-US का प्रचंड प्रहार... क्यों ईरान नहीं झेल सकता लंबी लड़ाई?
AajTak
ईरान लंबा युद्ध नहीं झेल सकता क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले ही कमजोर है, तेल निर्यात कम है. महंगाई बहुत ज्यादा है. सैन्य रूप से मिसाइल-ड्रोन ताकत है, लेकिन आधुनिक हवाई श्रेष्ठता नहीं है. लंबे युद्ध से अर्थव्यवस्था टूटेगी, जनता में असंतोष बढ़ेगा और घरेलू अस्थिरता आएगी.
ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हवाई हमले तेज हो गए हैं. इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई बड़े नेता मारे गए हैं. ईरान ने जवाब में मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, लेकिन विशेषज्ञों का एकमत है कि ईरान लंबे समय तक हाई इंटेंसिटी वॉर नहीं लड़ सकता.
आर्थिक कमजोरी, सैन्य सीमाएं और घरेलू अस्थिरता की वजह से ईरान के लिए यह युद्ध बहुत महंगा साबित होगा. ईरान के पास मिसाइल और ड्रोन की बड़ी ताकत है, लेकिन अमेरिका-इजरायल की हवाई श्रेष्ठता और आर्थिक दबाव के आगे वह जल्दी थक जाएगा.
यह भी पढ़ें: क्यों इतना सटीक और अचूक है इजरायल का सर्जिकल स्ट्राइक सिस्टम?
आर्थिक दबाव ईरान की सबसे बड़ी कमजोरी
ईरान की अर्थव्यवस्था पहले से ही बहुत कमजोर है. 2018 में अमेरिका ने परमाणु समझौते से बाहर निकलकर ईरान पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए थे. तेल निर्यात ईरान की मुख्य कमाई का स्रोत है, लेकिन प्रतिबंधों की वजह से यह बहुत कम हो गया है. मुद्रा की कीमत गिर रही है. महंगाई बहुत ज्यादा है और आम लोगों की जिंदगी मुश्किल हो गई है.
अगर युद्ध लंबा चला तो तेल उत्पादन और निर्यात और भी प्रभावित होगा. ईरान को हथियार, ईंधन और जरूरी सामान के लिए ज्यादा पैसा लगेगा, जिससे अर्थव्यवस्था और बिगड़ जाएगी. लंबे युद्ध से ईरान में जनता का गुस्सा बढ़ेगा और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू हो सकते हैं.

बिहार समेत 10 राज्यों में राज्यसभा की 37 सीटों के लिए हुए चुनाव में कई दिलचस्प नतीजे सामने आए. बिहार, ओडिशा और हरियाणा को छोड़कर अन्य सात राज्यों में 26 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए. वहीं, बिहार की सभी पांच सीटें एनडीए ने जीतीं, जबकि ओडिशा में बीजद और कांग्रेस विधायकों की क्रॉस-वोटिंग के कारण भाजपा को दो सीटें मिलीं. हरियाणा में मतपत्र की गोपनीयता को लेकर विवाद के कारण मतगणना करीब 5 घंटे तक रुकी रही.

दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर की कमी से लोगों की परेशानी बढ़ गई है, खासकर झुग्गी बस्तियों में रहने वाले परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. गोविंदपुरी के नवजीवन कैंप में कई घरों में खाना बनना बंद हो गया है. पहले 900 रुपये का सिलेंडर अब ब्लैक मार्केट में 4,000 रुपये तक बिक रहा है, जबकि खुले में बिकने वाली गैस 400 रुपये प्रति किलो मिल रही है. कई लोग लकड़ी से खाना बना रहे हैं और गैस एजेंसियों की ओर से मदद नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं.

आज सबसे पहले हम आपको वो तस्वीर दिखाएंगे. जो मुंद्रा पोर्ट से आई है. यहां स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गरजती मिसाइल और बरसते ड्रोन्स के बीच से चलकर LPG गैस से भरा शिवालिक जहाज भारत आ गया है. इसमें इतनी गैस है जिससे 32 लाख 40 हजार LPG गैस सिलिंडर भरे जा सकते हैं. लगभग इतनी ही गैस लेकर एक और जहाज. नंदा देवी कल सुबह भारत पहुंच जाएगा. इसके बाद आपको इजरायल-अमेरिका और ईरान के युद्ध के 17वें दिन का हर अपडेट बताएंगे. जंग में पहली बार ईरान ने सेजिल मिसाइल दागी. ये मिसाइल बेहद खतरनाक है, इसके जरिए ईरान अपने देश के किसी भी हिस्से से पूरे इजरायल को निशाना बना सकता है. इस सबके बीच UAE में तेल डिपो में आग लगने के साथ ही दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हमला हुआ.

दिल्ली एम्स ने 31 वर्षीय हरीश राणा के लिए पैसिव यूथेनेशिया प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस के लिए हरीश को शनिवार को गाजियाबाद स्थित आवास से एम्स के डॉ. बीआर अंबेडकर संस्थान रोटरी कैंसर अस्पताल की पैलिएटिव केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया है, जहां धीरे-धीरे हरीश के लाफ सपोर्ट सिस्टम को वापस लिया जाएगा, ताकि शरीर स्वाभाविक रूप से शांत हो जाए.

महायुद्ध सत्रह दिन से जारी है. मैं श्वेता सिंह इस वक्त इजरायल की राजधानी तेल अवीव में हूं. जहां आज भी ईरान की तरफ से मिसाइल से हमला किया जाता रहा. पश्चिम एशिया में युद्ध कब तक चलेगा इस सवाल पर इजरायल ने बड़ी बात कही है. दावा किया कि उसने कम से कम 3 हफ्ते तक युद्ध जारी रखने की योजना बनाई है. अमेरिका और इज़राइल के बीच ईरान पर युद्ध तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर गया है, जिससे तेल की कीमतों पर असर पड़ रहा है. पिछले 15 दिनों में ईरान पर भारी बमबारी हुई है. लेकिन उसने हथियार नहीं डाले हैं, इसके बाद इजरायल कह रहा है कि उसकी योजना अगले 3 हफ्तों तक युद्द जारी रखने की है.

चंद्रपुर में एक बाघ के सड़क पार करने के दौरान लोगों की लापरवाही सामने आई. राहगीरों ने अपनी गाड़ियां रोककर बाघ को घेर लिया और उसके बेहद करीब जाकर सेल्फी और वीडियो बनाने लगे. यह घटना दुर्गापुर-मोहुर्ली रोड की है, जो ताडोबा टाइगर रिजर्व के पास है. वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग कार्रवाई की तैयारी कर रहा है.

युद्ध के मोर्चे पर ये समझ में नहीं आ रहा है कि इस युद्ध में जीत कौन रहा है. जिस ईरान को समझा जा रहा है कि सुप्रीम लीडर के मारे जाने के बाद वो सरेंडर कर देगा. वो कहीं से भी पीछे हटता नहीं दिख रहा है. बल्कि ईरान तो और ज्यादा अग्रेसिव हो गया है. और इजरायल के अलावा उसने यूएई का बुरा हाल किया हुआ है. दुबई को तो ईरान ने धुआं धुआं कर दिया. दुबई का हाल ये है कि उसकी ग्लोबल कैपिटल वाली इमेज को ईरान के हालिया हमलों से बहुत बड़ा डेंट लगा है.






