
इजरायल पर सीजफायर के उल्लंघन का आरोप, हिज्बुल्लाह के हथियार डिपो पर IDF का हमला
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लेबनान में सीजफायर के बीच इजरायली सेना ने हिज्बुल्लाह के रॉकेट लॉन्चर को हवाई हमले में उड़ा दिया. बुधवार से हिज्बुल्लाह के साथ जारी युद्धविराम के तीसरे दिन इजरायल ने ये हमला किया है. इसके बारे में जानकारी देते हुए इजरायली सेना ने संघर्षविराम समझौते के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की भी चेतावनी दी है.
लेबनान में सीजफायर के बीच इजरायली सेना ने हिज्बुल्लाह के रॉकेट लॉन्चर को हवाई हमले में उड़ा दिया. बुधवार से हिज्बुल्लाह के साथ जारी युद्धविराम के तीसरे दिन इजरायल ने ये हमला किया है. इसके बारे में जानकारी देते हुए इजरायली सेना ने संघर्षविराम समझौते के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की भी चेतावनी दी है. लेबनान की सेना ने इजरायल पर कई बार समझौता तोड़ने का आरोप लगाया है.
दक्षिणी लेबनान पर भी इजरायली हमले हुए और हिजबुल्लाह के हथियार डिपो को गुरुवार को ड्रोन से निशाना बनाया गया. उधर, समझौते के तीसरे दिन हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने बयान जारी किया. उन्होंने समझौता लागू करने का भरोसा दिया. उन्होंने कहा, ''मैंने यह घोषणा करने का फैसला किया है कि एक आधिकारिक युद्ध में हम एक बड़ी जीत की ओर हैं. जो साल 2006 में मिली जीत से भी बड़ी है.''
उधर, युद्ध विराम समझौता लागू होने के बाद दक्षिणी लेबनान में अपने घरों को लौटने वाले लोगों का तांता लगा हुआ है. लेबनान में जहां स्थिति सामान्य होती दिख रही है वहीं सीमापार इजरायल में अब भी लोग अपने घरों को लौटने के लिए तैयार नहीं हैं. लेबनान से सटे उत्तरी इजरायल में लोगों को हिज्बुल्लाह के वादे पर अब भी भरोसा नहीं हो पा रहा है. लोग इजरायली सरकार के फैसले से भी खुश नहीं हैं.
बताया जा रहा है कि वहां की गलियां अब भी सूनी हैं. मकान खाली हैं. 8 अक्टूबर 2023 के बाद हिज्बुल्लाह के हमलों में तेजी के चलते हजारों लोगों ने उत्तरी इजरायल के लेबनान से लगे इलाकों को खाली कर दिया था. यूएन भी संघर्ष विराम के दौरान लेबनानी सेना की सीमावर्ती इलाकों में मौजूदगी बढ़ाने में लगा है. लेकिन इजरायलियों की चिंता खत्म नहीं हो रहीं. नेतन्याहू सरकार की कोशिशें परवान चढ़ती नहीं दिख रही हैं.
बताते चलें कि सीजफायर की घोषणा के बाद विस्थापित लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई थी. लोग खुशी से नाचते गाते नजर आए थे. महीनों बमबारी की जद में डर-डर कर रहने के बाद लोगों के चेहरों पर तब खुशी आई, जब अमेरिका और फ्रांस की मध्यस्ता के बाद इजरायल और लेबनान की ओर से सीजफायर के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया. लेकिन तेल अवीव में विस्थापित लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया.
लेबनान की राजधानी बेरूत में एक आश्रय स्थल पर विस्थापित लोग सीजफायर के बाद जल्द घर लौटने के लिए खासा उत्सुक नजर आए. वहीं छोटे बच्चों ने घर वापसी के बाद फिर से स्कूल जाने की खुशी जाहिर की. कुछ लोगों ने लेबनान के साथ गाजा में भी जल्द सीजफायर की मांग उठाई. उधर, इजरायल के तेल अवीव में विस्थापित लोगों और उनके समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर इस समझौते का जमकर विरोध किया.

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