
इजरायल ने भारी दबाव के बीच हमास को भेजा शांति प्रस्ताव, इस कॉरिडोर पर कब्जे का दावा
AajTak
गाजा में सीजफायर के लिए इजरायल ने नया शांति प्रस्ताव दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के मुताबिक शांति प्रस्ताव को कतर के जरिए हमास को भेजवा दिया गया है. इससे पहले इजरायल की सेना फिलाडेल्फी कॉरिडोर को अपने कब्ज़े में लेने का दावा किया है.
गाजा में करीब आठ महीने से जारी जंग को खत्म करने के लिए इजरायल ने हमास को नया प्रस्ताव दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के मुताबिक शांति प्रस्ताव को कतर के जरिए हमास को भेजवा दिया गया है. राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा कि शांति प्रस्ताव में युद्धविराम, इजरायली बंधकों कि रिहाई और गाजा के रिहायशी इलाकों का पुनर्निर्माण शामिल है.
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा कि हर कोई जो शांति चाहता है. उन्हें अपनी आवाज उठानी चाहिए. अब समय आ गया है कि इस जंग को खत्म कर दिया जाए. बाइडेन ने दोनों पक्षों के नेताओं से इस मौके का फायदा उठाए की अपील की है. उनके मुताबिक, इस शांति प्रस्तावित के पहले चरण में छह हफ्तों का सीजफायर शामिल है.
इस दौरान इजरायल और हमास सात अक्तूबर के हमले के बाद से शुरू हुई जंग को खत्म करने पर चर्चा करेंगे. बाइडेन ने कहा, ''यह एक स्थायी युद्ध विराम और सभी बंधकों की रिहाई का रोडमैप है. यह प्रस्ताव कतर द्वारा हमास को भेजा गया है. मैं अमेरिकी नागरिकों और दुनिया के लिए उचित शर्तें रखना चाहता हूं. इस नए प्रस्ताव के तीन चरण हैं.''
इससे पहले हमास ने भी इजरायल को शांति प्रस्ताव दिया था, जिसे इजरायल ने मानने से इनकार कर दिया था. हमास के प्रस्ताव में इजरायली सैनिकों की गाजा से तुरंत वापसी के बदले बंधकों को छोड़ने की बात कही गई थी. गाजा में संघर्ष विराम के लिए मिस्र में बातचीत भी हुई थी, जो कि बेनतीजा रही थी. मिस्र में भी शांति प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन पाई थी.
उस वक्त हमास पूर्ण संघर्ष विराम की मांग कर रहा था. वो चाहता था कि स्थायी संघर्ष विराम के साथ गाजा में युद्ध पूरी तरह समाप्त हो और इजरायली सेना वापस लौट जाएं. वहीं, इजरायल कुछ समय के लिए लड़ाई रोकने पर जोर दे रहा था. इसी बीच इजरायली सेना ने गाजा और मिस्र की सीमा से लगने वाले गलियारे फिलाडेल्फी कॉरिडोर को कब्जे में लेने का दावा किया है.
रणनीतिक रूप से अहम माने जाने वाले इस गलियारे को 'फिलाडेल्फी कॉरिडोर' कहा जाता है. ये एक बफर जोन है. इसे बफर जोन इसलिए कहा जाता है क्योंकि ये मिस्र और गाजा के बीच का तटस्थ इलाका है. वहीं इस गलियारे पर कब्जे के बाद अब गाजा की पूरी ज़मीनी सीमा इजरायल के नियंत्रण में आ गया है. आईडीएफ ने बताया कि यहां उसे 20 सुरंगों का भी पता चला है.

कल्पना कीजिए, दुनिया की सबसे बड़ी सेना का कमांडर, एक ऐसा शख्स जिसके हाथ में परमाणु बटन है. उसे एक छोटा सा 'लेगो खिलौना' बना दिया जाए जो पसीना बहा रहा है. हम बात कर रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की. युद्ध के मैदान में विमानवाहक पोत यानी Aircraft Carriers उतर रहे हैं, लेकिन इंटरनेट पर ईरान ने 'लेगो मीम्स' उतार दिए हैं. जब कोई देश आसमान में आपसे नहीं जीत पाता, तो क्या वो आपके फोन के जरिए आपको हरा सकता है?

ईरानी मीडिया की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, एक सैन्य सूत्र ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान के द्वीपों पर हमला हुआ तो वह 'बाब अल-मंडेब' स्ट्रेट में एक नया मोर्चा खोल सकता है. यह समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में से एक है. यूरोप, एशिया और मिडिल ईस्ट के बीच होने वाले तेल और गैस का अधिकांश ट्रांसपोर्टेशन इसी रास्ते से होता है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मिडिल ईस्ट संघर्ष पर चिंता जताते हुए फ्रांसीसी राजनयिक जीन आर्नो को विशेष दूत नियुक्त किया है. उन्होंने कहा कि हालात नियंत्रण से बाहर होते जा रहे हैं और बड़े युद्ध का खतरा बढ़ रहा है. गुटेरेस ने शांति वार्ता को जरूरी बताते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से वैश्विक आपूर्ति पर असर की चेतावनी दी. उन्होंने अमेरिका-इजरायल से युद्ध खत्म करने और ईरान व हिज़्बुल्लाह से हमले रोकने की अपील की.

ईरान जंग शुरु होते ही पाकिस्तान ने अपने यहां पेट्रोल-डीजल में 55 रुपये प्रति लीटर का इजाफा कर दिया गया. जनता के गुस्से को शांत करने के लिए शहबाज-मुनीर ने पाकिस्तान के मध्यस्थ बनने का दांव खेला पाकिस्तान के लोगों का ही दावा है कि विदेशी मीडिया से पाकिस्तान के मध्यस्थ होने को लेकर खबरें छपवाईं. लेकिन ईरान ने पाकिस्तान हकीकत उसका होर्मुज से जहाज रोककर बता दी. अब पाकिस्तान के लोग ही पूछ रहे हैं कि जब हमारा एक जहाज होर्मुज पार नहीं कर सकता. तो हम मध्यस्थ क्या खाक बनेंगे.









