
इजरायल ने गाजा सीमा पर भेजे सैनिक, अब जमीन से होगी जंग!
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इजरायल और फिलिस्तीनियों के बीच एक-दूसरे पर रॉकेट और हवाई हमले का सिलसिला जारी है. बिगड़ती स्थिति के मद्देनजर जंग की आशंका जाहिर की जाने लगी है. यह आशंका इसलिए और ज्यादा प्रबल हो गई है क्योंकि गाजा की सीमा पर इजरायली सेना के जवान एकत्रित हो गए हैं.
पिछले हफ्ते यरुशलम की अल-अक्सा मस्जिद में नमाजियों पर इजरायली सुरक्षा बलों के हमले के बाद भड़की हिंसा अब जंग की तरफ बढ़ती नजर आ रही है. गाजा की सीमा पर इजरायल ने अपने सैनिकों को जमीन से लड़ने के लिए भेज दिया है. एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली हमले की आशंका के चलते गाजा में कई लोग अपने घरों को छोड़कर जा रहे हैं. (फोटो-Getty Images) अब तक दोनों गुटों के बीच की लड़ाई हवाई हमले और रॉकेट दागने तक सीमित थी लेकिन अब इजरायल ने जमीन पर अपने सैनिकों को लड़ने के लिए भेज दिया है जिससे जंग की आशंका और प्रबल हो गई है. इजरायल की आर्मी ने एक बयान में कहा, इजरायली प्लेन और जमीन पर सेना गाजा पट्टी में एक हमले को अंजाम दे रहे हैं. इजरायली आर्मी के प्रवक्ता जॉन कॉनरिकस ने भी इसकी पुष्टि की हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया कि ये ऑपरेशन कितने बड़े पैमाने पर अंजाम दिया जाएगा. (फोटो-AP)
ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा है. उन्होंने साफ कहा है कि अगर ग्रीनलैंड अमेरिका को नहीं दिया गया तो वे यूरोप के आठ बड़े देशों पर टैरिफ लगाएं जाएंगे. इस स्थिति ने यूरोप और डेनमार्क को ट्रंप के खिलाफ खड़ा कर दिया है. यूरोप और डेनमार्क ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ट्रंप के इस ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

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