
इजरायल के हमले से कराह रहा हिज्बुल्लाह, अब मिसाइल यूनिट का हेड भी ढेर
AajTak
इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच चल रहा संघर्ष बुरे दौर में प्रवेश कर चुका है. दोनों के बीच लड़ाई छिड़ने के बाद कोबेसी हिज्बुल्लाह समूह का पहला सदस्य है, जिसे मृत घोषित किया गया है.
पिछले कई दिनों से इजरायल और हिज्बुल्लाह (Israel-Hezbullah) के बीच तनातनी चल रही है, दोनों तरफ से मिसाइलें और रॉकेट्स दागे जा रहे हैं. अब हिज्बुल्लाह के टॉप कमांडर इब्राहिम कोबेसी की मौत होने की खबर आई है. हिज्बुल्लाह ने कमांडर की मौत की पुष्टि की है. रिपोर्ट के मुताबिक, वह बेरूत के दक्षिणी उपनगर में इजरायली हवाई हमले में मारा गया. यह हमला छह मंजिला इमारत की तीन मंजिलों पर हुआ. बता दें कि यह एक हफ्ते से भी कम वक्त में बेरूत पर इजरायल का तीसरा हमला था.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक बयान में, ईरान समर्थित समूह हिज्बुल्लाह ने कमांडर इब्राहिम मोहम्मद कोबेसी की मौत की पुष्टि की है. इजरायल ने कहा कि कोबेसी हिज्बुल्लाह के रॉकेट और मिसाइल यूनिट का टॉप कमांडर था.
इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच चल रहा संघर्ष बुरे दौर में प्रवेश कर चुका है. दोनों के बीच लड़ाई छिड़ने के बाद कोबेसी हिज्बुल्लाह समूह का पहला सदस्य है, जिसे मृत घोषित किया गया है. इजरायली सैन्य अधिकारियों ने कहा कि कोबेसी इजरायल की तरफ हमले के लिए जिम्मेदार था और उसने साल 2000 में एक हमले की योजना बनाई थी, जिसमें तीन इजरायली सैनिकों का अपहरण कर लिया गया था और उन्हें मार दिया गया था.
कई यूनिट की देखरेख करता था कोबेसी
मिसाइल और रॉकेट फोर्स के कमांडर इब्राहिम मुहम्मद कोबेसी ने हिज्बुल्लाह में कई यूनिट्स की कमान संभाली थी. इसमें प्रेसिजन गाइडेड मिसाइल यूनिट भी शामिल थी. वो इजरायली नागरिकों की ओर मिसाइलों को लॉन्च करने के लिए जिम्मेदार था. हिज्बुल्लाह के सीनियर लीडर्स के साथ उसके घनिष्ठ संबंध थे. वो इस संगठन के सेक्रेटरी नसरल्लाह के साथ काम कर चुका था. इस संगठन के प्रमुख रणनीतिकार के रूप में जाना जाता था. उसकी मौत को हिज्बुल्लाह के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
यह भी पढ़ें: आखिर किसके दम पर इजरायल से भिड़ जाता है हिजबुल्लाह? क्या है इसकी सीक्रेट पॉवर

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.












