
इजरायल के युद्ध प्रभावित इलाकों से तेल अवीव पहुंचे लोग, रिफ्यूजी कैम्प में आजतक ने जाना हाल
AajTak
तेल अवीव के रिफ्यूजी कैम्प में ठहराए गए लोगों से आजतक की टीम ने बातचीत की. इस दौरान यहां रहने वालों ने बताया कि वो कितना सुरक्षित महसूस कर रहे हैं. उनके लिए खाने-पीने की व्यवस्था क्या है. यहां रुके कई लोग अपने बच्चों के साथ-साथ पेट्स भी लेकर आए हैं.
हमास और इजरायल के बीच युद्ध लगातार जारी है. गाजा पट्टी से सटे इजरायल के इलाकों में बीते 7 अक्टूबर हमास के लड़ाकों ने जब हमला किया था तो आस-पास के गांवों और शहरों से भागकर लोग राजधानी तेल अवीव पहुंच गए, जिन्हें सरकार की ओर से बनाए गए रिफ्यूजी कैम्प में रखा गया है. आजतक की टीम इजरायल के युद्ध प्रभावित इलाकों से लगातार खबरें पहुंचा रही है. इस बीच तेल अवीव में हमारे रिपोर्टर राजेश पवार पहुंचे हुए हैं.
तेल अवीव के रिफ्यूजी कैम्प में ठहराए गए लोगों से आजतक के रिपोर्टर ने बातचीत की. इस दौरान यहां रहने वालों ने बताया कि वो कितना सुरक्षित महसूस कर रहे हैं. उनके लिए खाने-पीने की व्यवस्था क्या है. यहां रुके कई लोग अपने बच्चों के साथ-साथ पेट्स भी लेकर आए हैं.
यहां रुके इजरायली नागरिक तुमार ने बताया कि वह लोगों को नॉर्मल करने और ट्रॉमा से बाहर निकालने के लिए म्यूजिकल प्रोग्राम का आयोजन कर रहे हैं. आजतक से बात करते हुए तुमार ने भारत के लोगों को हेल्लो कहा. उन्होंने कहा, इजरायली पीपल लव यू. साउथ इजरायल में हम पर हमला किया गया था. हम पर ऐसा हमला किया गया था, जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती है. उन्होंने कहा कि यह सब बहुत ही कठिन रहा है. हमारा कत्ले-आम किया गया. हम उन्हें कुचल देंगे. हम जीतने वाले हैं और सब ठीक होने वाला है.
Israel-Hamas War: इजरायल ने अगर गाजा में रोक दी एयरस्ट्राइक तो हमास... जंग के बीच ईरान का बड़ा दावा
लोगों ने करीब से देखा है हमास का अटैक
इस रिफ्यूजी कैम्प में कोव ने बताया कि उन्होंने हमास के हमले को बड़े करीब से देखा है. उन्होंने बताया कि जब हम सुबह उठे चारों ओर से मिसाइलें आ रही थीं. हमें समझने में काफी समय लग गया कि शायद हजारों आतंकवादियों ने हम पर हमला कर दिया है. चारों ओर से लोगों की हत्या, बलात्कार और बच्चों को मारा जा रहा था.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











