
इजरायल-ईरान तनाव से शुरू होगा तेल का महासंकट? भारत पर क्या होगा असर
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ईरान ने शनिवार आधी रात को इजरायल पर हमला कर दिया जिसके बाद से ही मध्य-पूर्व में पहले से चला आ रहा तनाव और बढ़ गया है. इससे वैश्विक बाजार में अफरा-तफरी का माहौल है. तेल के दाम को लेकर विश्लेषकों का कहना है कि तनाव बढ़ता है तो कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ जाएंगी.
शनिवार की आधी रात उस वक्त मध्य-पूर्व का तनाव और बढ़ गया जब ईरान ने अपने धुर विरोधी दुश्मन देश इजरायल पर ताबड़तोड़ हवाई हमले शुरू कर दिए. इजरायल का कहना है कि ईरान की तरफ से 300 से अधिक ड्रोन और मिसाइलें दागी गईं जिनमें से लगभग सभी को एयर डिफेंस सिस्टम से रोक दिया गया. एक तरफ जहां इजरायल का सहयोगी अमेरिका दोनों देशों के बीच और हमले रोकने की कोशिश में है, इजरायली वॉर कैबिनेट ने अपनी जवाबी कार्रवाई के बारे में बात करते हुए कह दिया है कि कार्रवाई हमारे अपने तरीके और हमारे चुने हुए वक्त पर होगी.
दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात का वैश्विक बाजार पर भारी असर पड़ा है. भारतीय शेयर बाजार में इस तनाव के कारण सोमवार को भारी गिरावट देखी जा रही है. सोने और चांदी की कीमतों में भी भारी उछाल आया है. वहीं, भारतीय अर्थव्यवस्था की कमर तेल की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है.
तेल की कीमतों में उछाल दो हफ्ते पहले ही शुरू हो गई थीं जब इजरायल ने सीरिया की राजधानी दमिश्क में ईरानी दूतावास पर हमला कर दिया था. 1 अप्रैल को हुए हमले में ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर के सीनियर कमांडर और उनके दो सहयोगी मारे गए. इसके बाद से ही इजरायल पर ईरान के हमले की आशंका जताई जा रही थी जिसे देखते हुए तेल की कीमतें बढ़ गईं.
12 अप्रैल को ईरान के हमले से पहले तेल की कीमतों में 1% का उछाल आया और कच्चे तेल का अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 90.45 बैरल प्रति डॉलर पर पहुंच गया. यह उछाल इसलिए आया क्योंकि तेल बाजार में इस बात की आशंका जताई जाने लगी कि दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात के कारण आपूर्ति में बाधा आ सकती है. हालांकि, ईरान के हमले के बाद तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट देखी जा रही है.
130 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं तेल की कीमतें
7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजरायल पर हमले के बाद गाजा में इजरायली हमला शुरू हुआ था और इस बीच लगातार यह डर बना हुआ था कि युद्ध का स्तर बढ़ सकता है, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध छिड़ सकता है.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

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