
इजराइल के साथ सीजफायर के बाद, गाजा में क्या हो रहा है? कैसा रहा पहला दिन?
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11 दिन के इजराइल-हमास युद्ध के बाद गाजा में देखने को मिला है कि गाजा के विद्रोही अब खुलेआम पूरी ड्रेस पहनकर हवाओं में राइफल उछालते हुए परेड कर रहे हैं. गाजा में हमास के टॉप लीडरों ने पहली बार सावर्जनिक उपस्थिति दर्ज कराई है.
आखिरकार ग्यारह दिन के भीषण युद्ध के बाद इजराइल और हमास के बीच सीजफायर समझौता लागू हो चुका है, दोनों ही पक्ष इसे अपनी-अपनी जीत बता रहे हैं. कुछ लोगों द्वारा ये भी अनुमान किया जा रहा है कि ये सीजफायर कुछ ही दिनों का है और दोनों पक्षों के बीच में युद्ध आगे भी अपरिहार्य है इसका कारण ये है कि दोनों के बीच की जो मूल समस्याएं हैं वो जस की तस बनी हुई है. 11 दिन के इजराइल-हमास युद्ध के बाद गाजा में देखने को मिला है कि गाजा के विद्रोही अब खुलेआम पूरी ड्रेस पहनकर हवाओं में राइफल लहराते हुए गाजा सिटी में परेड कर रहे हैं. गाजा में हमास के टॉप लीडरों ने पहली बार सावर्जनिक उपस्थिति दर्ज कराई है. हमास के विद्रोही अपनी शक्ति का प्रदर्शन इस समय कर रहे हैं. शानिवार का दिन सीजफायर का पहला दिन रहा, जो पूर्णतः सफल रहा. मिश्र के मध्यस्थों ने इस संघर्ष विराम को सुनिश्चित करने के बाबत बातचीत आयोजित की.
वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











