
इकोनॉमी में गिरावट का सबसे बुरा दौर बीता, अच्छे दिन के ये संकेत!
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कोरोना के कहर के सामने अप्रैल-मई में आर्थिक गतिविधियों में बड़ी गिरावट आई थी. लेकिन बीते चंद दिनों में अनलॉक के असर से इकोनॉमी के तमाम पहियों की रफ्तार बढ़ गई है. इससे अप्रैल-मई में रोजगार गंवाने वालों को फिर से काम धंधे मिलने शुरू हो गए हैं.
कोरोना के कहर के सामने अप्रैल-मई में आर्थिक गतिविधियों में बड़ी गिरावट आई थी. लेकिन बीते चंद दिनों में अनलॉक के असर से इकोनॉमी के तमाम पहियों की रफ्तार बढ़ गई है. इससे अप्रैल-मई में रोजगार गंवाने वालों को फिर से काम धंधे मिलने शुरू हो गए हैं. (Photo: Getty Images) कोरोना की दूसरी लहर से लोगों के रोजगार पर ब्रेक लग गया था. आमदनी पर कोरोना का जोरदार अटैक हुआ था. इससे अर्थव्यवस्था पटरी से उतर गई है. लेकिन एक हफ्ते के अनलॉक में ही अर्थव्यवस्था ने जोरदार तरीके से वापसी की है. हफ्ते दर हफ्ते इकोनॉमी को ट्रैक करने वाले रिसर्च एजेंसी नोमुरा का इंडेक्स (NIBRI) बढ़कर 69.7 पर पहुंच गया. जबकि एक हफ्ते पहले ये 62.9 पर था. इन आंकड़ों के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि अब इकोनॉमी में गिरावट का सबसे बुरा दौर बीत गया है.More Related News

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












