
इंसेफेलाइटिस की तर्ज पर कोरोना से बचाए जाएंगे मासूम
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पूर्वांचल में महामारी का रूप ले चुकी इंसेफेलाइटिस को नियंत्रण में करने के बाद योगी सरकार इसी तर्ज पर यूपी के सभी जिलों में पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआइसीयू) खोलने की तैयारी कर रही है. कोरोना की संभावित तीसरी लहर में कारगर साबित होंगे पीआइसीयू.
विशेषज्ञ कोरोना की संभावित तीसरी लहर के प्रति बच्चों को अधिक संवेदनशील बता रहे हैं. इन आशंकाओं के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुआई में बच्चों को ऐसी किसी संभावित लहर से बचाने के लिए पहले से ही युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू की गई हैं. दिमागी बुखार से बच्चों की आकाल मौत रोकने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मार्च 2017 में यूपी की सत्ता संभालते ही युद्ध स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए थे. पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) और सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) तक इंसेफेलाइटिस को केंद्र में रखकर स्वास्थ्य सुविधाओं की बुनियादी संरचना को मजबूत किया गया. पूर्वांचल के तीन दर्जन से अधिक संवेदनशील जिलों में रोकथाम को लेकर सफाई और स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया, उससे इंसेफेलाइटिस तकरीबन खत्म होने के कगार पर है. अब इंसेफेलाइटिस उन्मूलन के ये अनुभव योगी सरकार कोराना से बच्चों को बचाने में उपयोग कर रही है. इंसेफेलाइटिस नियंत्रण में बड़ी भूमिका निभाने वाले पीकू (पीडियाट्रिक्स इंटेंसिव केयर यूनिट) प्रोजेक्ट को पूरे प्रदेश में कोरोना से बच्चों को बचाने के लिए लागू किया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में बच्चों के लिए 100 बेड का आईसीयू तैयार रखने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने हर मंडल मुख्यालय पर 100-100 बेड का और जिला अस्पतालों में 25-25 बिस्तरों की क्षमता वाला का आईसीयू बनाने को कहा है. इसके साथ ही तय समय में जरूरी और दक्ष मानव संसाधन का बंदोबस्त करने का भी अधिकारियों को निेर्देश दिया है. इंसेफेलाइटिस से मासूमों को बचाने के करीब चार दशक लंबे अनुभव के मद्देनजर बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज गोरखपुर और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिर्विसिटी के डॉक्टर पीकू के संचालन के लिए प्रदेश के अन्य चिकित्सकों और पैरा मेडिकल स्टाफ को ट्रेनिंग देगें. मालूम हो कि प्रदेश के करीब तीन दर्जन जिलों खासकर गोरखपुर और बस्ती मंडल के सभी जिलों में पिछले चार दशक से मासूमों के लिए काल बनी इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौतों में अब 95 फीसद की गिरावट आ चुकी है.
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