
इंदौर ट्रक हादसा: पुलिस बोली- हद से ज्यादा शराब के नशे में था ड्राइवर, आग लगने के बाद भी नहीं रोका वाहन
AajTak
Indore truck accident: ट्रक ड्राइवर गुलशेर ने पहले 2 और 3 पहिया वाहनों को टक्कर मारी, फिर रास्ते में आने वाले हर पैदल यात्री और वाहन को कुचलता चला गया. हादसे में एक बाइक सवार ट्रक के पहियों के नीचे फंस गया और संभवतः बाइक का पेट्रोल टैंक फटने से आग लग गई.
MP News: इंदौर की एक बिजी सड़क पर पैदल यात्रियों को कुचलने वाले ट्रक ड्राइवर ने तय सीमा से करीब 7 गुना ज्यादा शराब पी रखी थी. ट्रक चालक गुलशेर (50) को गिरफ्तार कर लिया गया है और जांच से पता चला है कि मूल रूप से धार जिले का रहने वाला यह ड्राइवर घटना के समय बहुत ज्यादा नशे में था.
दरअसल, सोमवार रात एरोड्रम रोड पर हुए इस भीषण हादसे में तीन पैदल यात्रियों की मौत हो गई और 10 से ज़्यादा लोग घायल हो गए थे. इस मामले में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित सिंह ने बताया कि आमतौर पर चालकों के खून में अल्कोहल की अधिकतम सीमा 0.03 प्रतिशत हो सकती है - यानी प्रति 100 मिलीलीटर खून में 30 मिलीग्राम अल्कोहल. हालांकि, उन्होंने बताया कि इस भीषण हादसे में शामिल ट्रक चालक के खून में प्रति 100 मिलीलीटर रक्त में 200 मिलीग्राम से ज्यादा अल्कोहल पाया गया.
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने बताया कि 8 पहिया मालवाहक ट्रक चला रहे गुलशेर के खिलाफ बीएनएस की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) और 110 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास) के साथ-साथ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 (शराब के नशे में गाड़ी चलाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
दंडोतिया ने बताया कि आरोपी ने पहले व्यस्त एरोड्रम रोड पर कुछ दोपहिया और तिपहिया वाहनों को टक्कर मारी और फिर सड़क पर अपने सामने आने वाले हर पैदल यात्री और वाहन को टक्कर मारता रहा.
पुलिस अधिकारी ने कहा, "टक्कर के बाद एक मोटर चालक अपनी मोटरसाइकिल सहित ट्रक के अगले पहियों के नीचे फंस गया और संभवतः दोपहिया वाहन का पेट्रोल टैंक फट गया और उसमें आग लग गई. इसके बावजूद, आरोपी ट्रक चलाता रहा. जब ट्रक आखिरकार रुका, तो स्थानीय निवासियों ने मोटरसाइकिल सवार के शव को ट्रक के पहियों के नीचे से निकाला."
बचे हुए लोग सदमे में थे. एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती अशोक गोपालानी (71) ने बताया, "हम छोटा बांगड़दा से राजबाड़ा ऑटो-रिक्शा से जा रहे थे. ट्रैफिक सिग्नल पर लाल बत्ती होने के कारण हमारा तिपहिया वाहन रुका हुआ था, तभी पीछे से एक ट्रक ने हमें टक्कर मार दी और आगे निकल गया. इस वजह से हम ऑटो-रिक्शा में फंस गए."

युद्ध को लेकर आखिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते क्या हैं, उनकी रणनीति क्या है? दुनिया के मन में ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं. एक ओर ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन और अच्छी बातचीत होने और होर्मुज पर गिफ्ट मिलने की बात की है. पाकिस्तान के जरिये ईरान को 15 सूत्री प्रपोजल भेजे जाने का भी दावा है. तो दूसरी ओर पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ रही है. अमेरिका के 1000 अतिरिक्त हवाई सैनिक वहां भेजे जाने की रिपोर्ट्स हैं. पिछले हफ्ते 3 युद्धपोतों के साथ अतिरिक्त नौसैनिकों के रवाना होने की खबर आई थी. अमेरिकी कैंप से आ रहे विरोधाभाषी दावों के बीच ईरान के तेवर कड़े हैं. ईरान बातचीत से इनकार कर रहा है.

Indore Viral Video Truth: इंदौर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों के बीच 149 रुपये लीटर पेट्रोल बिकने के एक वीडियो ने आग में घी डालने का काम किया. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने न केवल जनता को डराया, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए. हालांकि, जब जांच हुई तो कहानी के पीछे का तकनीकी सच कुछ और ही निकला.

आज का दंगल ईरान युद्ध को लेकर भारत में चल रही तैयारी पर है. ईरान जंग के हालात को देखते हुए सरकार ने दिल्ली में बड़ी बैठक बुलाई है. पार्लियामेंट हाउस में ये बैठक थोड़ी देर में शुरू होने वाली है जिसमें सभी दलों के 2-2 प्रतिनिधियों को बुलाया गया है. ये बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हो रही है जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू और ऊर्वरक मंत्री जेपी नड्डा समेत विदेश सचिव भी शामिल रहेंगे.

ईरान ने बहुत बड़ा दावा किया है ईरान का कहना है कि उसने अमेरिकी नौसेना ने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत पर हमला किया है ईरान ने अमेरिका के इस एयर क्राफ्ट कैरियर पर क्रूज मिसाइल हमले का दावा किया है. अमेरिका की तरफ से इस हमले पर अभी तक कुछ नहीं कहा गया है. USS अब्राहम लिंकन परमाणु इंजन से चलने वाले निमित्ज श्रेणी का विमानवाहक पोत है. विमानवाहक पोत होने का मतलब एक ऐसे जंगी जहाज होने से है जिसपर फाइटर जेट उतर सकते हैं, यहां डेरा डाल सकते हैं और यहां से उड़ान भर सकते हैं.

मेट्रो की छत फाड़कर नीचे निकला बोरवेल... 100 फीट नीचे बनी सुरंग में हुआ 6 इंच का छेद, ठेकेदार पर केस
पुणे के शिवाजी रोड इलाके में एक निजी बोरवेल की खुदाई के दौरान पुणे मेट्रो की भूमिगत सुरंग में छेद होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस लापरवाही ने न केवल करोड़ों की मेट्रो परियोजना की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि एक बड़े हादसे को भी न्योता दे दिया था.








