
इंदिरा गांधी के हत्यारे सतवंत सिंह का भतीजा न्यूजीलैंड में दोषी करार, कोर्ट ने सुनाई 22 साल की सजा
AajTak
न्यूजीलैंड की अदालत ने इंदिरा गांधी के हत्यारे सतवंत सिंह के भतीजे बलतेज सिंह को 22 साल की सजा सुनाई है. उसे 700 किलोग्राम मेथ ड्रग रखने के आरोप में दोषी ठहराया गया है. बलतेज को नाम न बताने की इजाजत भी कोर्ट से मिली है, और यही वजह है कि उसके वकीलों ने उसके नाम को दोषी के रूप में गुप्त रखा है. इस बीच पंजाब में उसके रिश्तेदारों ने इस खबर को
न्यूजीलैंड की अदालत ने हाल ही में एक अहम फैसले में 32 वर्षीय बलतेज सिंह को 22 साल की सजा सुनाई है. बलतेज सिंह, भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्यारे सतवंत सिंह का भतीजा है. उसे 700 किलो मेथ ड्रग्स रखने के जुर्म में दोषी ठहराया गया है. सूत्रों के मुताबिक, ऑकलैंड हाई कोर्ट ने फरवरी 21 को यह सजा सुनाई. बलतेज के नाम को गुप्त रखने के लिए उनके वकीलों ने कोर्ट से इजाजत भी हासिल की है, लेकिन इसके पीछे की वजह अभी साफ नहीं है.
पंजाब में उनके परिवार वालों ने इस मामले को "फेक न्यूज़" करार दिया है. परिवार का कहना है कि इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है. बलतेज की पहचान छिपाई गई है, लेकिन यह पुष्टि की गई है कि वह दोषी है. ऑकलैंड पुलिस ने मनुकाउ के एक छोटे गोडाउन पर छापेमारी में 2023 में उसे गिरफ्तार किया था. छापेमारी में पुलिस को 'बीयर के कैन' के रूप में मेथेमफेटामाइन मिली थी.
यह भी पढ़ें: 'इंदिरा गांधी ने कहा था सावरकर जैसा सपूत....', राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी का पलटवार
एक शख्स की मौत के बाद की गई थी छापेमारी
यह छापा 21 वर्षीय आइडेल सगला की मौत के बाद मारा गया था, जिसे कथित तौर पर बीयर के रूप में मेथ देकर मार दिया गया था. इस हत्या के मामले में हिमतजीत "जिमी" सिंह को मैनस्लॉटर के लिए दोषी ठहराया गया था. उसने अदालत में यह दावा किया कि वह एक व्यापारी दोस्त द्वारा धोखा दिया गया था, जो वास्तव में बलतेज था और मेथ के आयात में संलिप्त था.
हालांकि बलतेज को आइडेल सगला की मौत से संबंधित आरोपों का सामना नहीं करना पड़ा, फिर भी उसे मेथ सप्लाई का मास्टरमाइंड माना जाता है. उसे कोर्ट द्वारा 22 साल की सजा सुनाई गई है. इस दौरान उसे पैरोल नहीं मिलेगी जब तक कि वे कम से कम दस साल की सजा नहीं काट लेते. बलतेज अंतिम बार दिसंबर 2019 में भारत आया था और करीब ढाई महीने रहा था.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मिडिल ईस्ट संघर्ष पर चिंता जताते हुए फ्रांसीसी राजनयिक जीन आर्नो को विशेष दूत नियुक्त किया है. उन्होंने कहा कि हालात नियंत्रण से बाहर होते जा रहे हैं और बड़े युद्ध का खतरा बढ़ रहा है. गुटेरेस ने शांति वार्ता को जरूरी बताते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से वैश्विक आपूर्ति पर असर की चेतावनी दी. उन्होंने अमेरिका-इजरायल से युद्ध खत्म करने और ईरान व हिज़्बुल्लाह से हमले रोकने की अपील की.

ईरान जंग शुरु होते ही पाकिस्तान ने अपने यहां पेट्रोल-डीजल में 55 रुपये प्रति लीटर का इजाफा कर दिया गया. जनता के गुस्से को शांत करने के लिए शहबाज-मुनीर ने पाकिस्तान के मध्यस्थ बनने का दांव खेला पाकिस्तान के लोगों का ही दावा है कि विदेशी मीडिया से पाकिस्तान के मध्यस्थ होने को लेकर खबरें छपवाईं. लेकिन ईरान ने पाकिस्तान हकीकत उसका होर्मुज से जहाज रोककर बता दी. अब पाकिस्तान के लोग ही पूछ रहे हैं कि जब हमारा एक जहाज होर्मुज पार नहीं कर सकता. तो हम मध्यस्थ क्या खाक बनेंगे.

इजरायल ने ईरान के इस्फहान स्थित नौसैनिक रिसर्च सेंटर पर हमला कर उसकी पनडुब्बी निर्माण क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचाया है. यह केंद्र नौसेना के लिए पनडुब्बियों और सिस्टम विकसित करने का प्रमुख ठिकाना था. इस कार्रवाई से ईरान की सैन्य क्षमता प्रभावित हुई है और क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है. दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की ओर मिसाइल दागने का दावा किया है.

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वे ईरान से बातचीत कर रहे हैं और होर्मुज स्ट्रेट की उसके साथ संयुक्त निगरानी करेंगे. एक महीने से ईरान पर कहर बरपा रहे ट्रंप पर किसी को विश्वास नहीं हो रहा है. दुनियाभर के मीडिया आउटलेट्स ये कयास लगा रहे हैं कि ट्रंप की तैयारी होर्मुज स्ट्रेट पर बड़े हमले की है. जहां ईरान ने नाकाबंदी की हुई है.









