
इंडोनेशिया: जकार्ता की सात मंजिला इमारत में लगी भयानक आग, 20 लोगों ने गंवाई जान
AajTak
इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में एक सात मंजिला इमारत में भयानक आग लगने से बड़ा हादसा हो गया. यह आग मध्य जकार्ता (Central Jakarta) स्थित टेरा ड्रोन कार्यालय की इमारत में लगी. आधिकारिक रूप से इस हादसे में कम से कम 20 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गई है.
इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में मंगलवार को एक सात मंजिला टेरा ड्रोन ऑफिस की बिल्डिंग में भीषण आग लगने से कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई. जबकि कई लोग घायल हो गए, घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फायर ब्रिगेड अधिकारी बताया कि फिलहाल बिल्डिंग में आग लगने का कारण पता नहीं चला है. मामले की जांच की जा रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई लोग इमारत की खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहे थे, जिससे कुछ लोगों की मौत मौके पर ही हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हो गए. बचाव दल ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया.
अब तक 20 शव बरामद स्थानीय मीडिया के अनुसार, जकार्ता फायर ब्रिगेड के प्रवक्ता ने बताया कि अब तक 20 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं. घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है.
फायर टीम ने आग पर पाया काबू
सेंट्रल जकार्ता पुलिस के प्रमुख सुसात्यो पुर्नोमो कोंड्रो ने मीडिया को बताया कि आग बुझा दी गई है तथा इमारत के अंदर और अधिक संभावित पीड़ितों को खोजने के प्रयास जारी हैं.
कोंड्रो ने बताया कि आग दोपहर के आसपास पहली मंजिल पर लगी और फिर ऊपरी मंजिलों तक फैल गई. उन्होंने बताया कि उस वक्त कुछ कर्मचारी बिल्डिंग में लंच कर रहे थे, जबकि कुछ अन्य ऑफिस से बाहर जा चुके थे.
आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है, लेकिन स्थानीय अग्निशमन विभाग के अनुसार आग ऊपरी मंजिलों से शुरू हुई और तेजी से पूरे भवन में फैल गई. इमारत में उस समय सैकड़ों कर्मचारी मौजूद थे. कई लोग आग और धुएं के कारण फंस गए थे.

वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.







