
आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच भीषण संघर्ष जारी, 105 आर्मेनियाई सैनिकों की मौत
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प्रथम विश्व युद्ध के बाद 1918 और 1921 में दोनों देश आर्मेनिया और अजरबैजान आजाद हुए थे. दोनों देशों के बीच नागोर्नो-काराबाख इलाके की विवादित जमीन को लेकर वर्षों से लड़ाई जारी है. 4400 वर्ग किलोमीटर में फैले नागोर्नो-काराबाख इलाके पर कब्जे को दोनों देश आमने-सामने है.
आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच वर्षों से सीमा पर चल रहा संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है. भारत समेत कई मुल्क दोनों देशों से संघर्ष विराम का आग्रह भी कर चुके हैं. इस बीच आर्मेनिया ने जानकारी दी कि अजरबैजान से चल रही लड़ाई में उसके 105 सैनिकों की मौत हो गई. जिसके बाद संभावना जताई जा रही है कि दोनों देशों के बीच ये संघर्ष और भी बढ़ सकता है. दावा है कि इन दोनों देशों के बीच की जंग में 5 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
बता दें कि आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच नागोर्नो-काराबाख इलाके की विवादित जमीन को लेकर वर्षों से लड़ाई जारी है. 4400 वर्ग किलोमीटर में फैले नागोर्नो-काराबाख इलाके पर कब्जे को दोनों देश आमने-सामने है. जानकारी के मुताबिक नागोर्नो काराबाख को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अजरबैजान का हिस्सा माना जाता है, लेकिन इस पर आर्मेनिया के जातीय गुटों ने कब्जा कर रखा है. जिसको लेकर दोनों देशों की सेना आमने-सामने है.
गौरतलब है कि प्रथम विश्व युद्ध के बाद 1918 और 1921 में दोनों देश आर्मेनिया और अजरबैजान आजाद हुए थे. 1922 में ये दोनों ही देश सोवियत यूनियन का हिस्सा बन गए थे. तब रूस के नेता जोसेफ स्टालिन ने अजरबैजान के एक हिस्सों को आर्मेनिया को दे दिया था, जो पहले अजरबैजान के कब्जे में था. तभी से इन दोनों देशों के बीच यह विवाद बना हुआ है.

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