
आर्टिकल 370 और CJI दफ्तर को RTI के दायरे में लाना, वो बड़े मामले जिनमें जस्टिस रमणा ने दिए फैसले
AajTak
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति रमणा, धारा 370, चुनावी मुद्दों से लेकर महिलाओं के अधिकारों और सूचना के अधिकार के दायरे में भारत के मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय तक लाने के विभिन्न फैसलों का हिस्सा रहे हैं.
सुप्रीम कोर्ट के जज एनवी रमणा देश के अगले चीफ जस्टिस होंगे. मौजूदा चीफ जस्टिस एस. ए. बोबडे ने कानून मंत्रालय को अपने उत्तराधिकारी के नाम की जानकारी दे दी है. बता दें कि एस.ए. बोबडे अगले महीने रिटायर हो रहे हैं, ऐसे में एक महीने पहले ही उन्होंने सरकार को जस्टिस रमणा का नाम सुझा दिया है. चीफ जस्टिस (CJI) एस.ए. बोबडे के रिटायर होने में एक महीने से भी कम समय बचा है. ऐसे में सरकार ने नये चीफ जस्टिस की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस क्रम में सीजेआई से अपने उत्तराधिकारी के नाम की सिफारिश मांगी गई थी जिस पर सिफारिश पर एसए बोबडे ने अपने उत्तराधिकारी के तौर पर एनवी रमणा के नाम की सिफारिश की. इस सिफारिश से पहले सुप्रीम कोर्ट की आंतरिक समिति ने जांच प्रक्रिया के बाद जस्टिस रमणा के खिलाफ शिकायत को खारिज कर दिया. सीजेआई बोबडे ने जस्टिस रमणा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर भूमि खरीद में अपने परिजनों को अनैतिक ढंग से लाभ पहुंचाने, आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के कामकाज में दखल देने, राज्य सरकार को अस्थिर करने की कोशिश करने जैसी शिकायत भी खारिज कर दी. ये शिकायत आंध्र प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री वायएस जगमोहन रेड्डी ने दर्ज कराई थी.
पाकिस्तान ने रात के अंधेरे में अफगानिस्तान पर एक बार फिर हमला बोला है. पाकिस्तान ने ये एयरस्ट्राइक अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक नशा मुक्त केंद्र अस्पताल पर किया है. इस हमले में अबतक 400 से ज्यादा मासूमों की मौत हो गई है, वहीं 250 से ज्यादा घायल बताए जा रहे है. वहीं अस्पताल पर हमले के आरोप से पाकिस्तान ने इनकार किया है.

वृंदावन में बंदरों की शरारतें अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चुनौती बन गई हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के तीन दिवसीय दौरे से पहले चश्मा छीनने वाले बंदरों को काबू में रखने के लिए अनोखा उपाय किया गया है. वन्यजीव कानूनों के चलते असली लंगूरों की तैनाती संभव नहीं होने पर अब लंगूरों के कटआउट और विशेष टीमों के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी.











