
आतंकी देश पाकिस्तान फिर आएगा FATF की लिस्ट में... भारत ने कर ली पूरी तैयारी
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भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के आतंक के नेटवर्क को निशाना बनाया. भारत के पास इस बात के पर्याप्त सबूत भी हैं कि कैसे पाकिस्तान आतंक को सपोर्ट कर रहा है. भारत अब नए सबूतों को FATF के समक्ष पेश करने की प्लानिंग कर रहा है.
भारत पाकिस्तान में एक्टिव आतंकवादी इंफ्रास्ट्रक्चर के संबंध में फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) को नई खुफिया जानकारी सौंपने की प्लानिंग कर रहा है. FATF मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद को मिलने वाली आर्थिक सहायता पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था है जिसने पाकिस्तान को कुछ सालों पहले तक आतंक के समर्थन के लिए ग्रे लिस्ट में रखा था. पहलगाम हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और पूरी दुनिया को दिखाया कि कैसे पाकिस्तान आतंक के इंफ्रास्ट्रक्चर को सपोर्ट कर रहा है.
भारत पहले ही वैश्विक मुद्रा कोष, आईएमएफ सहित दुनिया की वित्तीय संस्थाओं से पाकिस्तान की आर्थिक मदद रोकने की अपील कर चुका है. भारत का कहना है कि पाकिस्तान इन पैसों को आतंकवाद के लिए इस्तेमाल कर रहा है.
भारत इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने की सोच रहा है. भारत नए सबूत दिखाने वाला है जिससे साफ होता है कि पाकिस्तान का सरकारी तंत्र आतंकी समूहों को लगातार संरक्षण दे रहा है. ऐसे में पाकिस्तान एक बार फिर FATF की ग्रे लिस्ट में जा सकता है.
FATF की ग्रे लिस्ट से पाकिस्तान का पुराना नाता
पाकिस्तान आतंकवाद के लिए कई बार FATF की ग्रेल लिस्ट में डाला जाता रहा है. आतंकवाद और टेरर फाइनेंसिंग पर नजर रखने वाली FATF ने पाकिस्तान को जून 2018 में ग्रे लिस्ट में डाला था.
FATF का कहना था कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र के नामित आतंकवादी समूहों को टार्गेट करने में कमी दिखाई है. FATF के मुताबिक, पाकिस्तान आतंकवादी समूहों की संपत्ति फ्रीज करने, उन्हें सजा देने और उनके खिलाफ प्रतिबंध लगाने में नाकाम रहा था. इसके बाद से पाकिस्तान के FATF की ब्लैक लिस्ट में डाले जाने का डर भी बना हुआ था. लेकिन अक्टूबर 2022 में FATF ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से हटा दिया.

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