
'आज तक नहीं देखी रेल लाइन...', BJD सांसद ने राज्यसभा में की ये डिमांड
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बीजू जनता दल के सांसद मुजीबुल्ला खान ने नवरंगपुर और मलकानगिरि जिलों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग संसद में उठाई है. उन्होंने राज्यसभा में 2016 के एमओयू की भी याद दिलाई.
राज्यसभा में मंगलवार को शून्यकाल के दौरान ओडिशा की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजेडी) के सांसद मुजीबुल्ला खान ने रेल कनेक्टिविटी का मुद्दा उठाया. मुजीबुल्ला खान ने अविभाजित कोल्हापुर, नवरंगपुर जिले की रेल कनेक्टिविटी का मुद्दा उठाया और कहा कि ये आदिवासी बाहुल्य जिला है. उन्होंने रेल मंत्री को राज्यसभा चुनाव में बीजेडी की मदद याद दिलाई और इन जिलों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग करते हुए ऐसा न होने की स्थिति में नहीं घुसने देने की चेतावनी भी दी.
मुजीबुल्ला खान ने कहा कि नवरंगपुर और मलकानगिरि जिले में रेल कनेक्टिविटी के लिए जयपुर से नवरंगपुर और जयपुर से मलकानगिरि, इन दो रेल लाइन के लिए 2016 में नवीन पटनायक के मुख्यमंत्री रहते एक एमओयू साइन हुआ था. उन्होंने कहा कि तकब रेल मंत्री सुरेश प्रभु थे. उस समय ओडिशा से बीजेपी के एक ही सांसद थे जुएल ओराम. धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद थे. मुजीबुल्ला खान ने कहा था कि जुएल ओराम और धर्मेंद्र प्रधान की मौजूदगी में जो एमओयू साइन हुआ था, उसमें कहा गया था कि जयपुर से नवरंगपुर रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण का पूरा खर्च और कंस्ट्रक्शन लागत का आधा राज्य सरकार वहन करेगी.
उन्होंने कहा कि जयपुर से मलकानगिरि रेल लाइन की कुल लागत का 25 परसेंट राज्य सरकार को देना था. 2016 से अब 2026 आ गया, अभी तक कुछ नहीं हुआ. मुजीबुल्ला खान ने कहा कि जयपुर से नवरंगपुर 38 से 40 और मलकानगिरि 138 से 140 किलोमीटर दूर है. इतनी दूरी के लिए इतने साल लग गए. उन्होंने आगे कहा कि नवरंगपुर जिले वाले लोग रेल लाइन आजतक देखे नहीं हैं. जब बीजेडी की सरकार थी, तब ये लोग कहते थे कि जब डबल इंजन सरकार होगी हम इसे जरूर देखेंगे.
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बीजेडी सांसद ने आगे कहा कि डबल इंजन सरकार को दो साल होने वाले हैं, पता नहीं क्यों नहीं हो रहा है. उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा दुख की बात है कि जो रेल मंत्री हैं, वो भी हमारी पार्टी की तरफ से ही भेजे गए हैं. उनको बीजेपी की तरफ से नहीं भेजा गया था. नवीन पटनायक ने उनको (अश्विनी वैष्णव को) दो-दो बार राज्यसभा भेजा है. वो 40 किलोमीटर रेल लाइन नहीं करा पा रहे. मुजीबुल्ला खान ने कहा कि हम लोग कितना बोलेंगे, कितना डिमांड करेंगे. रेल मंत्री को इस बारे में सोचना चाहिए.
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