
आजतक के ऑपरेशन दुर्योधन से गई थी 11 सांसदों की सदस्यता, राहुल की मुश्किल बढ़ाएगा सब्सटेंटिव मोशन?
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की संसद सदस्यता को समाप्त करने और उनके अजीवन चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की मांग को लेकर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखा. राहुल के खिलाफ सब्सटेंटिव मोशन लाने की नोटिस दी है.
संसद का बजट सत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ प्रविलेज मोशन (विशेषाधिकार प्रस्ताव ) नहीं बल्कि सब्सेटेंटिव मोशन लाया गया है. बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के खिलाफ गुरुवार को लोकसभा में सब्सटेंटिव मोशन लाने की नोटिस लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को दी है.
निशिकांत दुबे ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ कोई प्रिविलेज मोशन नहीं है, मैंने एक सब्सटेंटिव मोशन दिया है. राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि कांग्रेस सांसद देश को गुमराह कर रहे हैं और उनके जॉर्ज सोरोस जैसे भारत-विरोधी ताकतों से संबंध हैं. साथ ही उन्होंने राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द करने और उनके अजीवन चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की है.
लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ लगाया गया सब्सटेंटिव मोशन से 20 साल पहले 11 सांसदों की सदस्यता चली गई थी. आजतक के स्टिंग ऑपरेशन दुर्योधन के बाद संसद में हंगामा मच गया था और ऑपरेशन में दिखाए सांसदों को खिलाफ सब्सटेंटिव मोशन लाया गया था. ऐसे में सवाल यह उठता है कि राहुल गांधी के खिलाफ में लाया सब्सटेंटिव मोशन क्या हैं और इसके क्या प्रावधान है?
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निशिकांत दुबे ने राहुल पर लगाए गंभीर आरोप निशिकांत दुबे ने लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि मैंने मैंने एक सब्सटेंटिव मोशन दिया है, उसमें मैंने ये जिक्र किया है कि कैसे राहुल गांधी सोरोस फाउंडेशन के साथ, फोर्ड फाउंडेशन के साथ, यूएसऐड के साथ मिलकर थाईलैंड जाते हैं, कंबोडिया जाते हैं, वियतनाम जाते हैं,अमेरिका जाते हैं, भारत-विरोधी ताकतों के साथ किस तरह से मिले हुए रहते हैं. राहुल गांधी लोकसभा सदस्यता रद्द हो और इन पर के जिंदगी भर के लिए चुनाव लड़ने के लिए प्रतिबंधित भी लगाया जाए.
सब्सटेंटिव मोशन क्या है और कैसे लाया जाता है भारत की संसदीय व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों को कई तरह के विशेषाधिकार प्राप्त होते हैं. इसी में से एक सब्सटेंटिव मोशन भी है, जिसे ठोस प्रस्ताव भी कहते हैं.यह प्रस्ताव किसी भी सदस्य या मंत्री द्वारा लाया जा सकता है. सब्सटेंटिव मोशन एक स्वतंत्र और औपचारिक प्रस्ताव होता है, जिसे सदन की मंजूरी के लिए पेश किया जाता है. इसका उद्देश्य किसी खास मुद्दे पर सदन की राय या फैसला प्राप्त करना होता है. आमतौर पर इस प्रस्ताव के जरिए किसी संसद के सदस्य के आचरण या आरोपों की जांच के लिए समिति गठित करने की मांग की जाती है.

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