
'आकर अपनी बहन की लाश ले जाओ', मौत के बाद पति ने कमांडो काजल के भाई को किया था फोन, ये है इनसाइड स्टोरी
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दिल्ली पुलिस की SWAT कमांडो काजल को बेरहमी के साथ मारा गया. उसकी हत्या दहेज की खातिर की गई. इस खूनी वारदात को किसी शातिर बदमाश ने नहीं बल्कि खुद काजल के लालची पति अंकुर ने अंजाम दिया. मर्डर के वक्त काजल 4 महीने की गर्भवती थी. पढ़ें काजल की दर्दनाक कहानी.
Delhi SWAT Commando Kajal Murder: दिल्ली पुलिस की SWAT कमांडो काजल की हत्या ने राजधानी दिल्ली को दहला दिया है. उसका कत्ल बड़ी बेरहमी के साथ किया गया. कातिल ने उसके पूरे जिस्म को लहूलुहान कर दिया था. उसकी लाश को देखने वाले भी सन्न रह गए. कई लोगों की रुह अंदर तक कांप गई. जितना खौफनाक मौका-ए-वारदात का मंजर था. उतनी ही हैरान करने वाली है, काजल के मर्डर की कहानी. क्योंकि कातिल कोई शातिर बदमाश या सुपारी किलर नहीं बल्कि वो शख्स है, जिसे काजल ने हद से ज्यादा प्यार किया और जिसके साथ उसने पूरी जिंदगी बिताने की कसम खाई थी. मगर अफसोस कि उसी शख्स ने काजल की जान ले ली. वो शख्स है काजल का पति अंकुर.
कौन थी काजल? सोनीपत के गनौर में मौजूद बड़े गांव की रहने वाली 27 साल की काजल एक जांबाज़ और मेहनती लड़की थी, जिसने अपने हौसले और अनुशासन के दम पर दिल्ली पुलिस में जगह बनाई. साल 2022 में वह दिल्ली पुलिस में भर्ती हुई और अपनी काबिलियत के चलते स्पेशल सेल की SWAT यूनिट की कमांडो बनी. उसके कमांडो बनने की चर्चा हर जुबान पर थी. एक गांव से निकलकर राजधानी की सबसे कठिन पुलिस यूनिट तक पहुंचना काजल के संघर्ष की कहानी बयां करता है. वर्दी उसके लिए महज़ नौकरी नहीं, बल्कि गर्व और जिम्मेदारी का लिबाज़ था. वह अपने परिवार का सहारा और गांव की बेटियों के लिए प्रेरणा थी. काजल एक जिम्मेदार बेटी, समर्पित पुलिसकर्मी और संवेदनशील इंसान थी. दुर्भाग्य यह रहा कि जो काजल अपराध से लड़ने के लिए प्रशिक्षित थी, वही अपने घर में हिंसा का शिकार हो गई.
पढ़ाई से प्यार तक, फिर शादी काजल ने 2022 में स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी. इसी दौरान उसकी मुलाकात गनौर निवासी अंकुर से हुई. दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली और दोनों ने परिजनों को मनाकर 2023 में शादी कर ली. यह एक लव मैरिज थी, जिसमें शुरुआत में सब कुछ सामान्य था. अंकुर रक्षा मंत्रालय में क्लर्क के पद पर दिल्ली कैंट में तैनात था. बाहर से देखने पर यह एक पढ़ा-लिखा, आत्मनिर्भर और खुशहाल जोड़ा लगता था, लेकिन अंदर ही अंदर रिश्ते में दरार पड़ चुकी थी.
शादी के 15 दिन बाद दहेज की मांग परिजनों के अनुसार, शादी के महज 15 दिन बाद ही काजल की जिंदगी बदलने लगी थी. ससुराल पक्ष की ओर से गाड़ी और पैसों की मांग शुरू हो गई. काजल को ताने दिए जाने लगे और मानसिक प्रताड़ना का दौर चल पड़ा. धीरे-धीरे यह हिंसा शारीरिक रूप लेने लगी. कई बार परिवार ने समझौता कराने की कोशिश की. काजल ने अपने करियर और सम्मान को बचाने के लिए बहुत कुछ सहा, लेकिन दहेज की आग बुझने का नाम नहीं ले रही थी.
अलग रहने के बाद भी नहीं बदले हालात हालात बिगड़ते देख काजल 2024 में दिल्ली में अलग रहने लगीं। उम्मीद थी कि दूरी से हालात सुधरेंगे, लेकिन आरोप है कि पति अंकुर वहां भी गाड़ी और पैसों की मांग को लेकर मारपीट करता रहा. काजल सब कुछ सहती रहीं, क्योंकि वह अपने करियर और भविष्य को बचाना चाहती थीं. इसी दौरान वह चार महीने की गर्भवती भी थी. ड्यूटी, प्रेग्नेंसी और घरेलू तनाव के बीच संतुलन बनाना उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया था.
22 जनवरी 2026 की खूनी रात यही वो रात थी. जब करीब 10 बजे हालात ने खौफनाक मोड़ ले लिया. पुलिस के मुताबिक, उसी रात आरोपी पति अंकुर ने काजल पर जानलेवा हमला किया. ऐसा लग रहा था, जैसे उसके सिर पर शैतान सवार था. उसने पहले काजल का सिर घर के दरवाजे की चौखट पर दे मारा और फिर लोहे के डंबल से उसके सिर पर वार किया. इस हमले का नतीजा ये हुआ कि काजल के सिर पर गंभीर चोटें आईं. वो खून से लथपथ हो चुकी थी. घर के अंदर चीख-पुकार गूंजती रही, लेकिन किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की. उसे बचाने कोई नहीं आया.

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