
'अवैध प्रवासी हमारे देश के खून में जहर घोल रहे हैं', डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी पर अमेरिका में बवाल
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अक्सर अपनी विवादित बयानों की वजह से चर्चाओं में रहते हैं. अवैध अप्रवासी को लेकर टिप्पणी करते हुए ट्रंप ने कहा है कि वे हमारे देश के खून में जहर घोल रहे हैं. उनकी इस टिप्पणी की जमकर आलोचना हो रही है.
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के प्रबल दावेदार डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने विवादित बयानों की वजह से चर्चाओं में हैं.
शनिवार को अमेरिकी शहर न्यू हैम्शायर में एक रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने अपने उस बयान को दोहराया कि बिना दस्तावेज वाले प्रवासी अमेरिकी खून में जहर घोलने का काम कर रहे हैं. ट्रंप ने सितंबर में भी इसी तरह की टिप्पणी की थी, जिसको लेकर ट्रंप की जमकर आलोचना हुई थी. ट्रंप के इस बयान को जेनोफोबिक और नाजी विचारधारा से प्रेरित बताया गया था.
अमेरिका के खून में जहर घोल रहे अवैध अप्रवासीः ट्रंप
बिना दस्तावेज के अमेरिका आने वाले प्रवासियों पर निशाना साधते हुए ट्रंप ने कहा, "अप्रवासी दक्षिण अमेरिका के अलावा एशिया और अफ्रीका से अमेरिका आ रहे हैं. पूरी दुनिया से वे हमारे देश में प्रवेश कर रहे हैं. वे हमारे देश के खून में जहर घोल रहे हैं." सितंबर 2023 के अंत में एक वेबसाइट को दिए साक्षात्कार के दौरान अवैध अप्रवासियों के लिए ट्रंप ने इसी तरह की भाषा का इस्तेमाल किया था.
ट्रंप की इस टिप्पणी पर येल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और फासीवाद पर किताब लिखने वाले जोनाथन स्टेनली ने कहा है कि ट्रंप द्वारा इस तरह की भाषा का बार-बार इस्तेमाल करना खतरनाक है. ट्रंप के शब्द नाजी नेता एडॉल्फ हिटलर के बयानों से प्रेरित नजर आ रहे हैं. हिटलर की किताब 'मीन कैम्फ' के अनुसार, हिटलर भी यहूदियों के लिए इसी तरह की भाषा इस्तेमाल करता था. हिटलर ने कहा था कि यहूदी जर्मनी के खून में जहर डालने का काम कर रहे हैं.
स्टेनली ने आगे कहा कि साक्षात्कार के बाद ट्रंप अब रैलियों में इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं. इस तरह के खतरनाक भाषण को बार-बार दोहराने से इसका सामान्यीकरण होता है और इसके इस्तेमाल में वृद्धि होती है. यह अमेरिका में अप्रवासियों की सुरक्षा की दृष्टिकोण से बहुत ही चिंताजनक बात है.

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