
'अल्पसंख्यकों पर हमले चिंताजनक, निजी रंजिश बताकर दोषियों को न बचाएं', भारत की बांग्लादेश को दो टूक
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भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति, अमेरिका में प्रस्तावित ऊर्जा बिल और ताइवान के पास चीन की सैन्य गतिविधियों जैसे वैश्विक मुद्दों पर भारत का कड़ा रुख स्पष्ट किया है.
विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रहे लगातार हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि वहां कट्टरपंथियों द्वारा अल्पसंख्यकों के घरों और व्यवसायों को निशाना बनाने का एक 'परेशान करने वाला पैटर्न' दिख रहा है.
भारत ने उन दावों को भी खारिज कर दिया जिनमें इन हमलों को निजी रंजिश या राजनीतिक मतभेद बताया जा रहा है. मंत्रालय ने कहा कि ऐसी दलीलें दोषियों का हौसला बढ़ाती हैं और अल्पसंख्यकों में असुरक्षा की भावना को गहरा करती हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम देख रहे हैं कि चरमपंथियों द्वारा अल्पसंख्यकों के साथ-साथ उनके घरों और व्यवसायों पर बार-बार हमले हो रहे हैं. ऐसी सांप्रदायिक घटनाओं से तेज़ी से और सख्ती से निपटा जाना चाहिए.
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ऊर्जा सुरक्षा पर अमेरिका को जवाब
मेरिका में प्रस्तावित एक नए बिल, जो भारत के ऊर्जा निर्णयों को प्रभावित कर सकता है, पर प्रतिक्रिया देते हुए MEA ने साफ किया कि भारत की ऊर्जा नीतियां 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा और मार्केट डायनेमिक्स पर आधारित हैं. भारत इन घटनाक्रमों पर करीब से नजर रख रहा है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसी है भारत की 3 लाख मीट्रिक टन LPG, सरकार ने बताया जहाजों का 'एग्जिट प्लान'
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे भारतीय जहाजों को लेकर भारत सरकार के अधिकारियों ने मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग में ताजा अपडेट दिया. शिपिंग मिनिस्ट्री के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि होर्मुज में अब भी भारतीय ध्वज वाले करीब 22 जहाज फंसे हैं, जिनमें से 6 लिक्विड पेट्रोलियम गैस कैरियर हैं. इन जहाजों की भी होर्मुज से सुरक्षित निकासी के लिए ईरान के साथ बातचीत चल रही है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का आज 18वां दिन है. ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले जारी हैं. वहीं ईरान की ओर से भी लगातार जवाबी हमले हो रहे हैं. ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अहम चेहरा लारीजानी को लेकर आई है. इजरायल के रक्षा मंत्री ने दावा किया है कि लारीजानी को हमले में मार दिया गया है. इजराइल का एक और बड़ा दावा है कि उसके हमले की जद में बसीज कमांडर भी आए हैं. दावे के मुताबिक बसीज पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी को भी निशाना बनाया गया. बसीज, ईरान की एक अहम पैरामिलिट्री फोर्स है, जो आंतरिक सुरक्षा और विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भूमिका निभाती है. खबर ये भी है कि लारीजानी के दफ्तर से दावा है कि कुछ देर में संदेश जारी होगा. लेकिन इजरायल सीधा दावा कर रहरा है कि हमले में लारीजानी को मार दिया गया है.

ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अहम चेहरा अली लारीजानी को इजरायल ने टारगेट किया है. हालांकि ये अब तक साफ नहीं है कि अली लारीजानी की स्थिति कैसी है. इजराइल का एक और बड़ा दावा है कि उसके हमले की जद में बसीज कमांडर भी आए हैं. दावे के मुताबिक बसीज पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी को भी निशाना बनाया गया. बसीज, ईरान की एक अहम पैरामिलिट्री फोर्स है, जो आंतरिक सुरक्षा और विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भूमिका निभाती है.

एक तरफ अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे है. वहीं दूसरी तरफ हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल की जंग जारी है. इजरायल ने एक बार फिर लेबनान में हमला किया. लेबनान की राजधानी बेरूत में इजरायली एयर फोर्स ने एयर स्ट्राइक की. हिज्बुल्लाह के ठिकानों को इजरायल ने निशाना बनाया, हमले के बाद बेरूत के कई इलाकों में धमाके की आवाज सुनी गई. हमले के बाद काला धुआं भी उठता देखा गया.









