
अरविंद केजरीवाल के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के दांव से कितना बदलेगा हरियाणा में चुनावी गेम?
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अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने ऐसे समय में ये फैसला किया है जबकि हरियाणा विधानसभा चुनाव की वोटिंग में 20 दिन बचे हुए हैं. अब केजरीवाल दिल्ली पर नहीं हरियाणा पर अपना पूरा फोकस करेंगे.
अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने कहा कि वो अगले दो दिनों में सीएम पद से इस्तीफा दे देंगे. हालांकि विधानसभा भंग नहीं की जाएगी. आम आदमी पार्टी के विधायक दल की बैठक में नया मुख्यमंत्री चुना जाएगा, जो चुनाव तक दिल्ली की सरकार चलाएगा. केजरीवाल ने इस्तीफा देने का ऐलान ऐसे समय में किया है, जबकि हरियाणा में चुनाव का धुआंधार प्रचार-प्रसार चल रहा है. आम आदमी पार्टी राज्य की सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. आइए जानते हैं अरविंद केजरीवाल के दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद हरियाणा में चुनावी गेम कितना बदल जाएगा.
1- केजरीवाल हरियाणा में पूरा फोकस कर पाएंगे
हरियाणा में बीते 10 सालों से बीजेपी की सरकार है, जबकि कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है. इसके अलावा इंडियन नेशनल लोकदल (INLD), जननायक जनता पार्टी (JJP) के उम्मीदवार मैदान में हैं. इस बार केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने भी सभी 90 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. हालांकि हरियाणा में AAP का कैडर उतना मजबूत नहीं है, जितना कि दिल्ली या पंजाब में है. इसलिए अरविंद केजरीवाल का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा आम आदमी पार्टी के लिए मददगार साबित हो सकता है क्योंकि जब केजरीवाल लगातार कार्यकर्ताओं के बीच एक्टिव रहेंगे तो उनका मनोबल मजबूत होगा और वो जी-जान से पार्टी के प्रचार में जुटेंगे.
2- कोई बड़ा नेता नहीं है, इसलिए केजरीवाल की ज्यादा जरूरत है
हरियाणा में आम आदमी पार्टी के पास दिल्ली और पंजाब की तरह बड़े नेता नहीं हैं. इसलिए पार्टी को हरियाणा में अरविंद केजरीवाल की ज्यादा जरूरत है. अब मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद केजरीवाल अपने पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता के बीच में रहेंगे. जब केजरीवाल तिहाड़ में थे, उस समय उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल ने हरियाणा में कई जगहों पर रैलियां कीं. उन्होंने केजरीवाल को हरियाणा के लाल और हरियाणा के शेर के तौर पर पेश किया था. ऐसे में केजरीवाल इस्तीफा देकर हरियाणा में फुल टाइम चुनाव प्रचार कर पाएंगे. केजरीवाल को दिल्ली की जनता की नब्ज पहचानने में माहिर माना जाता है. उन्होंने पंजाब में भी अपनी पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनवाई है और अब हरियाणा में केजरीवाल की परीक्षा होगी.
3- केजरीवाल का गृह जनपद भी हरियाणा में है

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