
अयोध्या में निर्विघ्न मंदिर निर्माण के लिए पूजा-पाठ शुरू, जनवरी में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा; भारत का सबसे बड़ा आयोजन
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Ayodhya News: रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर भी अब तैयारियां बड़े स्तर पर शुरू हो गई हैं. ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने जानकारी दी कि मंदिर निर्माण समिति की बैठक में 15 से 24 जनवरी 2024 के बीच किसी तारीख़ पर होने वाले रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर भी चर्चा हुई. रामलला की प्राण प्रतिष्ठा और मंदिर निर्माण निर्विघ्न हो इसके लिए काशी और महाराष्ट्र के वैदिक आचार्य रामकोट क्षेत्र में अलग अलग अनुष्ठान कर रहे हैं.
अयोध्या में राम जन्मभूमि पर बनने वाले राम मंदिर में स्तम्भों पर देवी देवताओं की 6000 से ज़्यादा मूर्तियां उकेरी जाएंगी. इसके साथ ही कांस्य पट्टिका में रामकथा के प्रसंगों को जीवंत किया जाएगा. मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक में यह तय किया गया. इसके साथ ही जनवरी में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियां भी तेज़ करने के लिए कई बातों कर मुहर लगायी गई. मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा समारोह को निर्विघ्न सम्पन्न करने के लिए वैदिक अनुष्ठान भी किए जा रहे हैं.
अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर को लेकर निर्माण कार्य प्रगति और प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियों की समीक्षा की गई. मंदिर निर्माण समिति की 2 दिवसीय बैठक रविवार और सोमवार को हुई. सोमवार को बैठक में मंदिर निर्माण के बारे में कई बातों पर चर्चा के बाद स्वीकृति दी गई. मंदिर का कार्य अक्टूबर तक पूरा होने की उम्मीद है. ऐसे में मंदिर के स्तम्भों को लेकर फ़ैसला किया गया है. जानकारी के अनुसार मंदिर के स्तम्भों पर देवी देवताओं की 6 हज़ार से ज़्यादा मूर्तियां उकेरी जाएंगी.
अभी ग्राउंड फ़्लोर के स्तम्भों पर मूर्ति उकेरने का काम तेज़ी से चल रहा है .इसमें अलग-अलग मूर्तियों के अलावा हिंदू धर्म के शुभ चिह्नों को भी स्थान दिया गया है. स्तम्भों पर मूर्ति उकेरने के माहिर उड़ीसा के कलाकारों और शिल्पकारों को ये जिम्मेदारी दी गई है. मंदिर के स्तम्भों पर मूर्तियों की संख्या 6 हज़ार से ज़्यादा होगी. फ़िलहाल ग्राउंड फ़्लोर के कुछ स्तम्भों पर मूर्तियां बनायी जा रही हैं. उनका अध्ययन कर इस बात की समीक्षा की गई कि किस तरह की मूर्तियां बनायी जा रही हैं.
मंदिर के लोअर प्लिन्थ में कुछ पैनल्स भी बनाए जाने हैं उनको लेकर भी बैठक में चर्चा की गई. बैठक में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय, मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र, मंदिर निर्माण की टेक्निकल टीम, प्रोजेक्ट की टीम और ट्रस्ट के कई सदस्य मौजूद रहे
रामकथा के प्रसंगों से सजे दिखेंगे पैनल्स
मंदिर के परकोटे में भी पैनल्स लगाए जाएंगे. ये पैनल्स कांस्य (bronze) के होंगे. इनमें वाल्मीकि रामायण के प्रसंगों को दिखाया जाएगा. अभी इस बात का चयन होना है कि कौन से प्रसंग होंगे. मंदिर का प्रवेश द्वार भव्य और आकर्षक हो इस पर भी बैठक में चर्चा की गई. ये तय किया गया कि मंदिर के प्रवेश द्वार पर हनुमान और गरुड़ की मूर्ति होगी. ये किस पत्थर से तैयार किया जाए? इस पर भी बैठक में चर्चा हुई.

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