
अयोध्या में कैसे होगी प्राण-प्रतिष्ठा? सामने आई 'श्रीरामोपासना' की वो पुस्तिका जिसमें है पूरा विधि-विधान
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आज 11 जनवरी है और अब महज 11 दिनों का इंतजार और फिर अयोध्या में इतिहास रच जाएगा. सैकड़ों साल पुरानी आस्था आकार लेगी और प्रभु राम की प्राण प्रतिष्ठा होगी. वहीं राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के न्योते पर घमासान जारी है. कांग्रेस ने अयोध्या जाने का न्योता ठुकराया तो बीजेपी कांग्रेस पर बरस पड़ी.
22 जनवरी को होने वाली रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए अयोध्या पूरी तरह राममय हो चुकी है. इस खास मौके पर विपक्ष के नेता सुर्खियों और उन ऐतिहासिक तस्वीरों से अदृश्य रहेंगे क्योंकि देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने प्राण-प्रतिष्ठा से दूर रहने का फैसला कर लिया है. कांग्रेस के न्योता ठुकराने पर आजतक ने रामलला के मुख्य पुजारी सतेंद्र दास से भी उनकी प्रतिक्रिया पूछी तो उन्होंने कहा कि राम का विरोध करने वाले ना आएं,यही अच्छा है.
'श्रीरामोपासना' के जरिए होगी प्राण प्रतिष्ठा
अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा की भव्य तैयारी हो रही है. 22 जनवरी को प्राण-प्रतिष्ठा की पूजा-पद्धति क्या रहेगी इसकी पूरी डिटेल भी आ गई है. आजतक के पास 'श्रीरामोपासना' की वो एक्सक्लूसिव पुस्तिका आ गई है. जिसमें उस दिन का पूरा विधि-विधान है.
मुख्य पुजारी सतेंद्र दास ने कहा कि हमारे पास ट्रस्ट द्वारा जारी की गई सुपर एक्सक्लूसिव बुकलेट है जिसमें 22 जनवरी की प्राण प्रतिष्ठा के लिए संपूर्ण पूजा पद्धति है.
ये है मुहूर्त 22 जनवरी को यह वक्त दोपहर 12 बजकर 29 मिनट 8 सेकंड से शुरू होकर 12 बजकर 30 मिनट और 32 सेकंड के बीच का होगा, जब पूजन स्थल पर अक्षत छोड़ा जाएगा. 'आजतक' से खास बातचीत में ज्योतिषाचार्य द्राविण बंधु, पंडित विश्वेश्वर शास्त्री द्राविण और पंडित गणेश्वर शास्त्री द्राविण ने बताया कि मुहूर्त निकालने के लिए नियमों पर विचार किया गया है. तिथि, वार, लग्न और नक्षत्रों पर विचार करके दिया गया है. विक्रम संवत 2080 शालिवाहन शक 1945 पौष शुक्ल 12 सोमवार, मृगशीर्ष नक्षत्र, ऐन्द्र योग, बालव करण, आनन्द योग दिनांक 22 जनवरी 2024 को मेष लग्न में वृश्चिक नवांश में राम मूर्ति स्थापना का अतिसूक्ष्म मुहूर्त है.
इस लग्न में शुक्र और गुरु दोनों ही अनुकूल है. इसलिए विरोधी भी कुछ नहीं कर सकते हैं. मंगलाष्टक के श्लोक के बाद 84 सेकंड में अक्षत डाल दिया जाएगा और भगवान से प्रार्थना होगी कि हे परमेश्वर आप प्रतिष्ठित हो. राम मंदिर के शिलान्यास से ज्यादा श्रेष्ठ मुहूर्त रामलला के मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा का है.

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