
अमित शाह ने किया ABVP के राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन, कहा- अब भारत का समय आ गया है
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एबीवीपी के दिल्ली में आयोजित हो रहे राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किया. इस मौके पर उन्होंने विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया. बता दें कि यह अधिवेशन दिल्ली में 7-10 दिसंबर आयोजित हो रहा है.
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के 69वें राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्धाटन शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किया. यहां हजारों की संख्या में देशभर से विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में आकर तीस साल खुद की उम्र कम महसूस कर रहा हूं. उन्होंने कहा कि मैं आज यहां राष्ट्रीय अधिवेशन के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर कितना गौरव महसूस कर रहा हूं, ये मैं आपको समझा नहीं पाऊंगा.
उन्होंने कहा कि ये अनुभव वही व्यक्ति कर सकता है, जिसकी शुरुआत राजकोट अधिवेशन में पंडाल के अंत में बैठकर हुई है और वो आज मुख्य अतिथि बनकर यहां खड़ा है. उन्होंने यहां कहा कि अब भारत का समय आ गया है, दुनिया हमारी तरफ आशा भरी नजरों से देख रहा है. एबीवीपी कार्यकर्ता ये संकल्प लें कि 2047 में भारत सर्वप्रथम होगा. ये आपकी जिम्मेदारी है. हमारी कई पीढ़ियां आजादी के संघर्ष में खप गईं, उनके सपनों का भारत बनाने की जिम्मेदारी युवाओं की है.
एबीवीपी का रास्ता ज्ञान, शील, संकल्प का युवा देश की रीढ़ होते हैं. आज स्वर्णिम भविष्य युवाओं की राह देख रहा है. घपले घोटाले की जगह नई नीतियों ने ले ली है. उन्होंने कहा कि देश के अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है. लोगों को मूलभूत सुविधाएं दी जा रही हैं. अनुच्छेद 370 खत्म, अब लाल चौक पर तिरंगा लहराने से कोई नहीं रोक सकता. पूर्वोत्तर में शांति की स्थापना पिछले 10 साल में पीएम मोदी की सरकार के कारण हुआ. एबीवीपी का रास्ता ज्ञान, शील, संकल्प का है और उसी रास्ते पर चलना है.
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केंद्रीय गृहमंत्री ने पीएम मोदी के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि लगातार देश के विकास को गति दे रहे हैं. इसमें युवाओं का भविष्य जुड़ा है. डिजिटल, एलईडी में भारत नंबर वन है. देश ने सबसे ज्यादा कोरोना रोधी टीके लगाए. अब स्टार्टअप को बढ़ावा दे रहे हैं. हमारी सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कई परिवर्तन किए. आज देश में 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप हैं, जिसमें से बहुत सारे छोटे शहरों में शुरू हुए हैं. रिसर्च में आवेदन 3000 से बढ़कर डेढ़ लाख हुए. शिक्षा सिर्फ कैरियर बनाने के लिए नहीं बल्कि देश के विकास के लिए है.
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