
अमेरिकी मंत्री के दावे को भारत ने किया खारिज, कहा- 2025 में 8 बार हुई PM मोदी और ट्रंप की बात
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भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते (Trade Deal) को लेकर उपजे विवाद पर विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को अपनी स्थिति स्पष्ट की है. अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक के उस दावे को भारत ने
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते (Trade Deal) को लेकर उपजे विवाद पर विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को अपनी स्थिति स्पष्ट की है. अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक के उस दावे को भारत ने "सटीक नहीं" बताया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी द्वारा राष्ट्रपति ट्रंप से सीधे बात न करने के कारण समझौता नहीं हो सका.
MEA ने पेश किए तथ्य विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "यह कहना सही नहीं है कि बातचीत किसी व्यक्तिगत संवाद की कमी की वजह से रुकी है. दोनों पक्ष पिछले साल फरवरी से कई दौर की बातचीत कर चुके हैं और हम एक संतुलित समझौते के बेहद करीब हैं."
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 2025 में अब तक आठ बार फोन पर बातचीत हो चुकी है. भारत दोनों पूरक अर्थव्यवस्थाओं के बीच संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते के लिए प्रतिबद्ध है.
लुटनिक के इस बयान के बाद यह चर्चा तेज हो गई थी कि क्या अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50% के भारी टैरिफ का कारण व्यापारिक हितों के बजाय ट्रंप की व्यक्तिगत नाराजगी है. दावों के अनुसार, पीएम मोदी द्वारा व्यक्तिगत हस्तक्षेप न करने को ट्रंप ने 'अपमान' के रूप में देखा और इसी के चलते भारत पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए.
यह खबर शुरुआती सूचनाओं के साथ प्रकाशित की गई है. जल्द नए अपडेट्स जोड़े जाएंगे.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसी है भारत की 3 लाख मीट्रिक टन LPG, सरकार ने बताया जहाजों का 'एग्जिट प्लान'
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे भारतीय जहाजों को लेकर भारत सरकार के अधिकारियों ने मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग में ताजा अपडेट दिया. शिपिंग मिनिस्ट्री के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि होर्मुज में अब भी भारतीय ध्वज वाले करीब 22 जहाज फंसे हैं, जिनमें से 6 लिक्विड पेट्रोलियम गैस कैरियर हैं. इन जहाजों की भी होर्मुज से सुरक्षित निकासी के लिए ईरान के साथ बातचीत चल रही है.

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ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अहम चेहरा अली लारीजानी को इजरायल ने टारगेट किया है. हालांकि ये अब तक साफ नहीं है कि अली लारीजानी की स्थिति कैसी है. इजराइल का एक और बड़ा दावा है कि उसके हमले की जद में बसीज कमांडर भी आए हैं. दावे के मुताबिक बसीज पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी को भी निशाना बनाया गया. बसीज, ईरान की एक अहम पैरामिलिट्री फोर्स है, जो आंतरिक सुरक्षा और विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भूमिका निभाती है.

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