
अमेरिका-यूरोप का प्रेशर या फिर... गाजा पट्टी में ग्राउंड ऑपरेशन क्यों शुरू नहीं कर रहा इजरायल?
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युद्ध के दो सप्ताह बीत जाने के बाद हमास की ओर से पहली बार अमेरिका के दो नागरिकों को रिहा किया गया है. हमास की ओर से आए बयान के मुताबिक, यह रिहाई की कतर की मध्यस्थता के बाद हुई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और यूरोप की सरकारें इजरायल पर गाजा में जमीनी आक्रमण शुरू करने से रोकने के लिए दबाव बना रही हैं.
हमास ने बीते 7 अक्टूबर को इजरायल के कई लोगों को बंधक बना लिया था. इनमें से हमास ने दो अमेरिकी नागरिकों को रिहा कर दिया है. इस बीच बताया जा रहा है कि अमेरिका, यूरोप की कई सरकारें इजरायल पर गाजा पट्टी में जमीनी आक्रमण शुरू करने से रोकने के लिए दबाव बना रही हैं. दरअसल इन देशों को डर है कि अगर इजरायली सेना ने जमीनी आक्रमण शुरू कर दिया तो बंधक बनाए गए लोगों की रिहाई में मुश्किल होगी.
युद्ध के दो सप्ताह बीत जाने के बाद हमास की ओर से पहली बार अमेरिका के दो नागरिकों को रिहा किया गया है. हमास की ओर से आए बयान के मुताबिक, यह रिहाई की कतर की मध्यस्थता के बाद हुई है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रिहा किए गए दोनों बंधकों और उनके परिवार से फोन पर बात की है.
इजरायल से जंग के बीच हमास ने पहली बार दो अमेरिकी बंधकों को किया रिहा, कतर की मध्यस्थता के बाद फैसला
हमास की सशस्त्र ब्रांच इज अल-दीन अल-कसम ब्रिगेड के प्रवक्ता अबू उबैदा ने शुक्रवार को एक बयान जारी किया और कहा, कतर की तरफ से मध्यस्थता के प्रयास किए गए हैं, जिसके जवाब में हमने मानवीय कारणों से अमेरिका की मां-बेटी को रिहा कर दिया है. इनमें 59 वर्षीय जूडिथ रैनन और उनकी 18 वर्षीय बेटी नताली रैनन शामिल हैं. हमास के हमले के बाद से उनके परिवार के करीब 10 अन्य सदस्य अभी भी लापता हैं.
एक सीनियर राजनयिक अधिकारी ने 'द टाइम्स ऑफ इजरायल' को बताया कि अमेरिका और यूरोप की सरकारें इजरायल पर गाजा में जमीनी आक्रमण शुरू करने से रोकने के लिए दबाव बना रही हैं. उन्हें डर है कि ऐसा करने से हमास की ओर से बंधक बनाए गए लोगों को रिहा कराने में दिक्कत होगी.
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वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.












