
अमेरिका में मर्डर, भारत में अंतिम संस्कार... परिवार ने नम आंखों से दी निकिता गोदिशाला को आखिरी विदाई
AajTak
अमेरिका में कथित तौर पर हत्या की शिकार बनी निकिता गोदिशाला का आखिरकार हैदराबाद में अंतिम संस्कार कर दिया गया. उनके परिवार ने मरेडपल्ली श्मशान घाट में उन्हें नम आंखों से विदाई दी. इस मामले में आरोपी अर्जुन शर्मा पर मर्डर चार्ज लगा है.
Nikitha Godishala Funeral: अमेरिका में कथित तौर पर हत्या की शिकार हुई निकिता गोदिशाला को शुक्रवार को हैदराबाद में नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई. शहर में उनके परिवार, रिश्तेदारों और करीबी दोस्तों ने भावुक माहौल में उन्हें श्रद्धांजलि दी. बीते हफ्ते अमेरिका से आई इस दुखद खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया था. निकिता मूल रूप से हैदराबाद की रहने वाली थीं और उनका परिवार यहीं रहता है. अंतिम संस्कार के दौरान हर किसी की आंखें नम थीं. माहौल पूरी तरह शोक में डूबा हुआ था.
मरेडपल्ली श्मशान घाट में अंतिम संस्कार परिवार सूत्रों के मुताबिक, 27 वर्षीय निकिता गोदिशाला का अंतिम संस्कार हैदराबाद के मरेडपल्ली स्थित श्मशान घाट में किया गया. पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उनके पार्थिव शरीर को अग्नि को सौंपा गया. परिवार ने अंतिम संस्कार को निजी रखने का फैसला किया था. केवल करीबी परिजन और चुनिंदा लोग ही इस दौरान मौजूद रहे. श्मशान घाट पर शांति और अनुशासन बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया. पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार संपन्न हुआ.
RGIA एयरपोर्ट पर पहुंचा पार्थिव शरीर पीटीआई के अनुसार, निकिता गोदिशाला का पार्थिव शरीर शुक्रवार को दिन में ही हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचा था. अमेरिका से लंबी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद शव को भारत लाया गया. एयरपोर्ट पर परिवार के सदस्य मौजूद थे, जिन्होंने भारी मन से शव को प्राप्त किया. इसके बाद पार्थिव शरीर को सीधे अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया. यह पल परिवार के लिए बेहद भावुक और पीड़ादायक था.
निजी रूप से अंतिम संस्कार निकिता के परिवार ने 8 दिसंबर को जारी एक बयान में साफ किया था कि अंतिम संस्कार पूरी तरह निजी तौर पर किया जाएगा. परिवार ने गरिमा और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस सुरक्षा की भी मांग की थी. उनका कहना था कि इस दुख की घड़ी में वे किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं चाहते. प्रशासन की ओर से भी इस अपील का सम्मान किया गया. पुलिस की तैनाती के साथ अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ.
जिम्मेदार पत्रकारिता की अपील परिवार ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया से विशेष अपील की थी कि इस मामले में जिम्मेदार पत्रकारिता की जाए. उन्होंने मीडिया से अप्रमाणित और गैर-जांचित जानकारी प्रकाशित न करने का अनुरोध किया. परिवार का कहना है कि गलत खबरें जांच को प्रभावित कर सकती हैं. वे चाहते हैं कि पूरी कानूनी प्रक्रिया सम्मान और निष्पक्षता के साथ पूरी हो. परिवार की यह अपील न्याय की उम्मीद को दर्शाती है.
2 जनवरी से थी लापता अमेरिका के एलिकॉट सिटी में रहने वाली निकिता गोदिशाला 2 जनवरी को लापता हो गई थीं. उनके लापता होने के बाद स्थानीय पुलिस ने तलाश शुरू की. हावर्ड काउंटी पुलिस के मुताबिक, बाद में उनका शव कोलंबिया, मैरीलैंड में मिला. यह शव उनके पूर्व रूममेट अर्जुन शर्मा के अपार्टमेंट से बरामद हुआ था. निकिता के शरीर पर चाकू से किए गए कई वार के निशान पाए गए थे.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसी है भारत की 3 लाख मीट्रिक टन LPG, सरकार ने बताया जहाजों का 'एग्जिट प्लान'
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे भारतीय जहाजों को लेकर भारत सरकार के अधिकारियों ने मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग में ताजा अपडेट दिया. शिपिंग मिनिस्ट्री के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि होर्मुज में अब भी भारतीय ध्वज वाले करीब 22 जहाज फंसे हैं, जिनमें से 6 लिक्विड पेट्रोलियम गैस कैरियर हैं. इन जहाजों की भी होर्मुज से सुरक्षित निकासी के लिए ईरान के साथ बातचीत चल रही है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का आज 18वां दिन है. ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले जारी हैं. वहीं ईरान की ओर से भी लगातार जवाबी हमले हो रहे हैं. ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अहम चेहरा लारीजानी को लेकर आई है. इजरायल के रक्षा मंत्री ने दावा किया है कि लारीजानी को हमले में मार दिया गया है. इजराइल का एक और बड़ा दावा है कि उसके हमले की जद में बसीज कमांडर भी आए हैं. दावे के मुताबिक बसीज पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी को भी निशाना बनाया गया. बसीज, ईरान की एक अहम पैरामिलिट्री फोर्स है, जो आंतरिक सुरक्षा और विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भूमिका निभाती है. खबर ये भी है कि लारीजानी के दफ्तर से दावा है कि कुछ देर में संदेश जारी होगा. लेकिन इजरायल सीधा दावा कर रहरा है कि हमले में लारीजानी को मार दिया गया है.

ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अहम चेहरा अली लारीजानी को इजरायल ने टारगेट किया है. हालांकि ये अब तक साफ नहीं है कि अली लारीजानी की स्थिति कैसी है. इजराइल का एक और बड़ा दावा है कि उसके हमले की जद में बसीज कमांडर भी आए हैं. दावे के मुताबिक बसीज पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी को भी निशाना बनाया गया. बसीज, ईरान की एक अहम पैरामिलिट्री फोर्स है, जो आंतरिक सुरक्षा और विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भूमिका निभाती है.

एक तरफ अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे है. वहीं दूसरी तरफ हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल की जंग जारी है. इजरायल ने एक बार फिर लेबनान में हमला किया. लेबनान की राजधानी बेरूत में इजरायली एयर फोर्स ने एयर स्ट्राइक की. हिज्बुल्लाह के ठिकानों को इजरायल ने निशाना बनाया, हमले के बाद बेरूत के कई इलाकों में धमाके की आवाज सुनी गई. हमले के बाद काला धुआं भी उठता देखा गया.









