
अमेरिका में बिजनेस और टूरिस्ट वीजा पर जॉब के लिए कर सकते हैं अप्लाई? USCIS ने दिया ये जवाब
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यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज ने बताया कि बिजनेस और टूरिस्ट वीजा वाले लोग भी अमेरिका में जॉब के लिए आवेदन कर सकते हैं. हालांकि जॉब शुरू करने से पहले उन्हें पहले अपना वीजा बदलना होगा.
अमेरिका में बिजनेस और टूरिस्ट वीजा पर जाने वाले लोग नई नौकरियों के लिए आवेदन कर सकते हैं. यूएस की एक संघीय एजेंसी बुधवार को कहा कि B-1, B-2 वीजा रखने वाले लोग इंटरव्यू भी दे सकते हैं, लेकिन इन लोगों को ये सुनिश्चित करना होगा कि नई जॉब शुरू करने से पहले अपना वीजा बदल लें.
यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने ट्वीट कर बताया कि जब गैर-अप्रवासी कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जाता है, तो उन्हें अपने विकल्पों के बारे में पता नहीं होता है. वो ये मान लेते हैं कि उनके पास 60 दिनों के लिए भीतर देश छोड़ने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है.
अमेरिका में रोजगार खत्म होने पर 60 दिन का ग्रेस पीरियड अगले दिन से ही शुरू होता है, जो आम तौर पर अंतिम दिन के आधार पर निर्धारित किया जाता है, जिसके लिए वेतन का भुगतान किया जाता है. जब कर्मचारी का रोजगार स्वेच्छा से अनैच्छिक रूप से खत्म हो जाता है तो वे आमतौर पर अमेरिका में रहने के पात्र होने पर कई कार्यों में से एक ले सकते हैं. इनमें गैर-अप्रवासी स्थिति में बदलाव के लिए आवेदन करना, रोजगार प्राधिकरण दस्तावेज के लिए आवेदन करना या नियोक्ता बदलने के लिए एक याचिका दायर करना.
60 दिन की मिलती है छूट
USCIS ने कहा, "अगर इनमें से कोई एक कार्रवाई 60 दिनों की अवधि के भीतर होती है, तो संयुक्त राज्य अमेरिका में गैर-आप्रवासी की अधिकृत रहने की अवधि 60 दिनों से अधिक हो सकती है, भले ही वे अपनी पिछली गैर-आप्रवासी स्थिति खो दें." यदि कर्मचारी ग्रेस पीरियड के भीतर कोई कार्रवाई नहीं करता है तो उन्हें और उनके घरवालों को 60 दिनों के भीतर या उनकी अधिकृत वैधता अवधि समाप्त होने पर, जो भी कम हो, देश छोड़ना पड़ सकता है.
B-1 और B-2 वीजा वाले कर सकते हैं अप्लाई

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

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