
अमेरिका में नौकरी का लालच, डंकी रूट और पैसों की लूट... झारखंड में बड़े अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़
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झारखंड पुलिस ने हजारीबाग जिले में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है. यहां से गिरोह के मास्टरमाइंड समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. यह गिरोह अमेरिका भेजने का झूठा वादा कर लोगों से मोटी रकम ऐंठता था.
झारखंड पुलिस ने हजारीबाग जिले में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है. यहां से गिरोह के मास्टरमाइंड समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. यह गिरोह अमेरिका भेजने का झूठा वादा कर लोगों से मोटी रकम ऐंठता था. उन्हें खतरनाक 'डंकी रूट' से विदेशी माफियाओं के हवाले कर देता था. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है.
जानकारी के मुताबिक, हजारीबाग जिले के टाटीझरिया थाना क्षेत्र के भरजो गांव निवासी सोनू कुमार ने 30 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी. उसने आरोप लगाया कि अमेरिका में कारोबार करने वाला उदय कुमार कुशवाहा ने झूठे दस्तावेज और नौकरी का लालच देकर उसे ब्राजील भेजा. उसकी योजना यह थी कि साल 2024 में 'डंकी रूट' के जरिए उसे अमेरिका पहुंचाया जाएगा.
इसी तरह उदय कुशवाहा और उसके सहयोगियों ने हजारीबाग के दारू थाना क्षेत्र के जरगा गांव के रहने वाले विकास कुमार और पिंटू कुमार को भी अमेरिका में नौकरी का झांसा दिया. उनको दिल्ली के रास्ते ब्राजील रवाना कर दिया. लेकिन ब्राजील पहुंचते ही तीनों युवकों को स्थानीय मानव तस्करों के हवाले कर दिया गया. इसके बाद उन्हें गुप्त रास्तों से अमेरिका की ओर धकेला गया.
बंधक बने युवक और हुई पैसों की वसूली
सोनू कुमार का कहना है कि इस दौरान उन्हें बोलीविया, पेरू, इक्वाडोर, कोलंबिया, पनामा, कोस्टा रिका, होंडुरास और ग्वाटेमाला होते हुए ले जाया गया. इस सफर में माफियाओं ने उन्हें बंधक बनाए रखा. वहीं, उदय कुशवाहा ने भारत में सोनू के पिता को फोन कर पैसों की मांग की थी. मजबूर होकर पिता ने पैतृक जमीन बेच दी और उदय के रिश्तेदारों को अलग-अलग माध्यमों से रुपए दे दिए.
अमेरिकी सीमा पर गिरफ्तारी और वापसी

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