
अमेरिका में गांजे को लीगल करने पर विचार कर सकते हैं कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप!
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कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप दोनों ही गांजे (marijuana) को वैध करने के पक्ष में नरम रुख दिखा रहे हैं. यह चुनाव मारिजुआना पर लगे संघीय प्रतिबंध को खत्म करने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकता है.
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव केवल कुछ हफ्ते दूर है. उम्मीदवार और मतदाता दोनों अंतिम चरण की तैयारी में लगे हैं. फिलाडेल्फिया में हाल ही में हुए प्रेसिडेंशियल डिबेट के दौरान उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई मुद्दों पर अपने-अपने विचार रखे, लेकिन गांजे को लीगल करने पर दोनों के बीच कोई बात नहीं हुई. कई विषयों पर अलह राय रखने के बाद भी यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर दोनों उम्मीदवारों के विचार मिलते-जुलते नजर आ सकते हैं.
यह चुनाव गांजे के उपयोग पर लगे 100 साल पुराने संघीय प्रतिबंध में बदलाव लाने की संभावनाओं को लेकर अहम हो सकता है. आज के समय में अमेरिका के 24 राज्यों और कोलंबिया जिला ने गांजे को वैध कर रखा है, और इसकी बिक्री पर शराब की तरह ही टैक्स लगाते हैं. इसके अलावा 7 राज्यों ने कम मात्रा में गांजा रखने पर जेल की सजा को हटा दिया है. कुल मिलाकर 38 राज्यों और कोलंबिया जिला ने इसके चिकित्सा उपयोग के लिए कानून बनाए हैं.
गैलप द्वारा किए गए एक सर्वे के अनुसार लगभग 70% अमेरिकी वयस्क मानते हैं कि गांजे को कानूनी तौर पर वैध कर दिया जाना चाहिए.
कमला हैरिस का रुख
कमला हैरिस का गांजे को वैध करने को लेकर रुख बदलता रहा है. 2019 में उन्होंने गांजे के संघीय अपराधीकरण को खत्म करने के लिए सीनेट में एक बिल पेश किया था. हालांकि, एक समय था जब वह इसके खिलाफ थीं. 2010 में कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल बनने की दौड़ के दौरान, उन्होंने इसके वैध किए जाने का विरोध किया था. लेकिन 2019 में राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार के तौर पर उन्होंने इसका समर्थन किया और खुद भी इसका सेवन करने की बात स्वीकार की. उन्होंने उन लोगों के लिए माफी की मांग की जिन्हें गांजे के उपयोग के लिए जेल भेजा गया था.
डोनाल्ड ट्रंप का रुख

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