
अमेरिका के 126 परसेंट टैरिफ से बेअसर यह एनर्जी कंपनी, ब्रोकरेज ने कहा- 1500 रुपये से ज्यादा उछलेगा भाव Stock Market Holidays in March: पूरे 12 दिन BSE, NSE पर नहीं होगी ट्रेडिंग, जानें मार्च में कब-कब बंद रहेगा शेयर बाजार?
ABP News
Waaree Energies shares: एनर्जी सेक्टर की इस कंपनी के शेयर के लिए ब्रोकरेज ने न केवल 'Buy' रेटिंग दी है, बल्कि इसे 4260 का टारगेट प्राइस भी दिया है.
Waaree Energies shares: अमेरिका ने भारत से सोलर इम्पोर्ट पर 126 परसेंट टैरिफ लगाने का फैसला लिया है. बावजूद इसके एनर्जी सेक्टर से जुड़ी कंपनी वारी एनर्जीज (Waaree Energies) के शेयर को लेकर ब्रोकरेज बुलिश हैं. एक तरफ जहां सोलर पैनल के आयात पर काउंटरवेलिंग ड्यूटी लगाने के अमेरिकी वाणिज्य विभाग के फैसले से दूसरे सोलर स्टॉक्स की हालत खराब है. वहीं, वारी एनर्जीज इन सबसे बेखबर है. दरअसल, वारी एनर्जीज के मैनेजमेंट ने कहा है कि अमेरिका के लगाए गए इस टैरिफ का कंपनी पर असर की कोई संभावना नहीं है.
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (MOSFL) ने कहा कि शुरुआती 126 परसेंट काउंटरवेलिंग ड्यूटी (CVD) को लेकर चिंताओं का कंपनी पर कोई खास असर पड़ने की उम्मीद नहीं है. ब्रोकरेज ने कहा, "अमेरिका से अपनी कमाई का लगभग एक तिहाई कमाने वाली वारी एनर्जीज (WEL) अपनी US सप्लाई के लिए भारत में बने सोलर सेल का इस्तेमाल नहीं करती है इसलिए शुरुआती 126% CVD (काउंटरवेलिंग ड्यूटी) का WEL की कमाई पर कोई खास असर पड़ने की उम्मीद नहीं है. मोतीलाल ने इसके लिए 3514 का टारगेट प्राइस सेट किया है. अभी शेयरों की कीमत 2709.60 रुपये है.
नुवामा ने कहा, वारी ने अपना पहला इलेक्ट्रोलाइजर/GH2 सप्लाई ऑर्डर साइन किया, ओमान में पॉलीसिलिकॉन सप्लाई के लिए 30 मिलियन डॉलर का इन्वेस्टमेंट किया ताकि सिर्फ मॉड्यूल/सेल प्ले से दूर रहा जा सके. रिटेल (20–25 परसेंट), एक्सपोर्ट/US मैन्युफैक्चरिंग (30–35 परसेंट) और EPC/O&M (18–20 परसेंट) से इसका 70 परसेंट रेवेन्यू शेयर एक दशक तक चलने वाला स्ट्रेटेजिक मोआट देता है. इसके अलावा, अगले 3–5 सालों में तेजी से ग्रोथ करने के लिए इसने नए ग्रीन बिजनेस में भी एंट्री ली है. नुवामा ने भी इसे 'BUY' रेटिंग देते हुए 3867 का टारगेट प्राइस दिया है.
ब्रोकरेज फर्म Emkay Global का कहना है, वारी अमेरिका में अपनी सप्लाई के लिए भारत या किसी भी प्रभावित देश के सेल का इस्तेमाल नहीं करती है. इसके बजाय दूसरे ऐसे देशों से सोर्स करती है जहां अमेरिकी ड्यूटी कम है- यानी कि 10 परसेंट.

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