
अमेरिका के विमानों को समंदर में दफ्न करेगा ईरान! खामेनेई किन हथियारों के दम पर ट्रंप को दे रही धमकी
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ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुली चेतावनी दे डाली है. उन्होंने बिना किसी हथियार का नाम लिए कहा है कि उनके पास भी ऐसे हथियार हैं जो समुद्र की गहराई में भेज सकता है. यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों मुल्कों के बीच दो बैठक हुईं, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला.
ईरान और अमेरिका के बीच अब तक दो बड़ी बैठक हो चुकी है, लेकिन कोई साफ़ नतीजा नहीं निकला. इस बीच मिडिल-ईस्ट में अमेरिका अपने सैन्य क्षमताओं को तेजी से बढ़ा रहा है. अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन और यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड ईरान के नज़दीक तैनात किया है. इन सब के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लगातार खुली धमकी दे रहे हैं.
सुप्रीम लीडर खामेनेई ने हाल में ही कहा था कि ईरान के पास ऐसे हथियार हैं जो अमेरिकी युद्धपोतों को तबाह कर सकता है. उन्होंने एयरक्राफ्ट कैरियर को खतरनाक मशीन बताते हुए कहा कि उससे भी अधिक खतरनाक वह हथियार है जो इसे समुद्र की गहराई में भेज सकता है.
खामेनेई ने किसी ख़ास हथियार का नाम नहीं लिया, बल्कि इसे एक प्रतीकात्मक संदेश के रूप में पेश किया. उन्होंने ईरान की समुद्री उपस्थिति और उसकी ‘एरिया डिनायल’ रणनीति पर जोर दिया, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के क्षेत्र में. आइए अब समझते हैं कि ईरान के पास कौन-कौन से हथियार हैं जो वह अमेरिका के खिलाफ इस्तेमाल कर सकता है.
ईरान की सेना के पास फतह श्रेणी की हाइपरसोनिक मिसाइलें प्रमुख स्थान रखती हैं. फतह-1, जिसे जून 2023 में पेश किया गया था, लगभग 1,400 किलोमीटर की दूरी तक मार करने में सक्षम है और इसकी गति मच 13 से 15 तक है.
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इसके अलावा नवंबर 2023 में पेश की गई फतह-2 मिसाइल में हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल तकनीक हो सकती है, जो उड़ान के दौरान दिशा बदल सकती है, जिससे इसे रोकना बेहद मुश्किल हो जाता है.

डोनाल्ड ट्रंप ने कई देशों पर लगाए गए टैरिफ को रद्द करने संबंधी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को 'शर्मनाक' बताते हुए उसकी कड़ी आलोचना की और कहा कि उनके पास बैकअप प्लान है. फैसले में चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स की अगुवाई वाली बेंच ने माना कि ट्रंप ने 1977 के IEEPA कानून का इस्तेमाल करते हुए अपने अधिकार से आगे बढ़कर टैरिफ लगाए.

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय आपातकाल कानून के तहत डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को रद्द कर उनकी आक्रामक आर्थिक नीति को बड़ा झटका दिया है, जिससे वैश्विक व्यापार युद्ध की दिशा बदलती दिख रही है. फैसले के बाद ट्रंप के सामने तीन विकल्प बताए जा रहे हैं—इमरजेंसी पावर से सीमित अवधि तक टैरिफ जारी रखना, संसद से कानून पारित कराना या अलग-अलग देशों के साथ ट्रेड डील करना.

अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को गैरकानूनी करार दिया है. इस फैसले से टैरिफ को लेकर वैश्विक चर्चा तेज हो गई है, खासकर यह सवाल कि क्या अमेरिका द्वारा वसूले गए शुल्क वापस किए जाएंगे. कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूज़ॉम ने ट्रंप से अवैध टैरिफ राशि तुरंत सभी अमेरिकी नागरिकों को लौटाने की मांग की है.

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए कहा है कि उनके पास टैरिफ लगाने का कानूनी अधिकार नहीं है. कोर्ट ने इस फैसले में कहा कि ट्रंप द्वारा अलग-अलग देशों पर लगाया गया टैरिफ गैरकानूनी है. यह फैसला अमेरिका की व्यापार नीतियों और वैश्विक व्यापार पर असर डाल सकता है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि टैरिफ लगाने के लिए कानून का पालन अनिवार्य है.

ईरान ने अमेरिका से बढ़ती टकराव की स्थिति के बीच अपने संवेदनशील सैन्य ठिकानों की सुरक्षा को मजबूत किया है. युद्ध के खतरे को देखते हुए नई सुरक्षा संरचनाएं और कंक्रीट की मज़बूत ढालें बनाई गई हैं ताकि सैन्य सुविधाओं को सुरक्षित रखा जा सके. हाल ही में मिल रही सैटेलाइट तस्वीरें साफ दर्शाती हैं कि ईरान ने अपने इस्फाहान न्यूक्लियर साइट पर खास कदम उठाए हैं, जो जून 2025 में अमेरिका के हमले के बाद से और अधिक सुदृढ़ किया गया है.

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें शहबाज शरीफ को विश्व मंच पर पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करते हुए नहीं बल्कि डोनाल्ड ट्रंप के पर्सनल असिस्टेंट जैसे व्यवहार करते देखा गया है. वीडियो और तस्वीरें स्पष्ट रूप से दिखाती हैं कि जब ट्रंप ने अपनी उंगली उठाई, तो शहबाज तुरंत अपनी कुर्सी से खड़े हो गए और जब ट्रंप ने इशारा किया तो वे आज्ञाकारी छात्र की तरह बैठ गए.

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने आजतक के साथ खास बातचीत में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर बात की. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने अच्छे रिश्तों के बारे में बताया और कहा कि मोदी से बात करने के लिए उन्हें सोशल मीडिया की आवश्यकता नहीं होती, वे सीधे फोन पर बात कर लेते हैं. डोनाल्ड ट्रंप पर हल्के तंज भी उन्होंने दिए. साथ ही, महात्मा गांधी को अपने जीवन का आदर्श भी बताया जो उनके दृष्टिकोण और जीवनशैली का प्रतीक है.

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