
अमेरिका के बाद यूरोप में भी कोरोना से 'महा-तबाही' का अलर्ट, WHO ने चेताया
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डेल्टा वैरिएंट की वजह से यूरोप के कई देशों में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इस बीच डब्ल्यूएचओ ने सोमवार को कहा कि अगर हालात नहीं सुधरे तो 1 दिसंबर तक 2 लाख मौतें हो जाएंगी.
दुनियाभर में कोरोना का संक्रमण (Coronavirus) एक बार फिर से बढ़ता जा रहा है. अमेरिका में कोरोना (Covid 19) ने फिर से तबाही मचानी शुरू कर दी है. वहां की आधी से ज्यादा आबादी पूरी तरह से वैक्सीनेट (Vaccinate) हो चुकी है, उसके बावजूद कोरोना के मामले (Covid Cases) तेजी से बढ़ रहे हैं. अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों और मरने वालों की संख्या भी बढ़ रही है. इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने यूरोप (Europe) में भी कोरोना की 'महातबाही' की चेतावनी दी है.
वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











