
अमेरिका के पड़ोसी देश मेक्सिको के पास कितनी बड़ी सेना है? जहां लैंड स्ट्राइक का ट्रंप ने किया ऐलान
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई के बाद मैक्सिको के ड्रग कार्टेल्स पर लैंड स्ट्राइक्स की धमकी दी है. मैक्सिको की सेना में करीब 4 लाख सक्रिय सैनिक हैं. जबकि अमेरिका की सेना सबसे शक्तिशाली है. हमले का कारण फेंटानिल ड्रग तस्करी रोकना है, जिससे अमेरिका को ड्रग संकट में राहत मिल सकती है, लेकिन जोखिम ज्यादा हैं.
जनवरी 2026 की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला में सैन्य ऑपरेशन के बाद मैक्सिको के ड्रग कार्टेल्स पर लैंड स्ट्राइक्स (जमीनी हमलों) की धमकी दी है. उन्होंने कहा कि कार्टेल्स मैक्सिको को चला रहे हैं. अमेरिका को कुछ करना पड़ेगा. यह धमकी वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने और वहां ड्रग तस्करों पर हमलों के बाद आई.
ट्रंप ने कोलंबिया और क्यूबा को भी चेतावनी दी, लेकिन मैक्सिको पर सबसे ज्यादा फोकस है. अभी तक कोई वास्तविक हमला नहीं हुआ है, लेकिन ट्रंप की टीम ड्रोन स्ट्राइक्स और स्पेशल फोर्सेस के जरिए कार्टेल्स के ड्रग लैब्स और लीडर्स को निशाना बनाने की योजना बना रही है.
यह भी पढ़ें: जब्त तेल टैंकर से बढ़ा तनाव... अगर जंग हुई तो रूस के ये 5 हथियार अमेरिका पर पड़ेंगे भारी मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम ने इसे मैक्सिको की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है. एक्स (ट्विटर) पर कई पोस्ट्स में ट्रंप की इस धमकी की चर्चा है, जहां कहा गया है कि मैक्सिको पर हमला संभावित है.
मैक्सिको की सेना कितनी बड़ी और मजबूत है?
मैक्सिको अमेरिका का दक्षिणी पड़ोसी देश है. उसकी सीमा अमेरिका से लगती है. मैक्सिको की सशस्त्र सेनाएं (Mexican Armed Forces) मुख्य रूप से देश के अंदर सुरक्षा, ड्रग कार्टेल्स से लड़ाई और प्राकृतिक आपदाओं में मदद के लिए काम करती हैं. ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 2025 के अनुसार मैक्सिको की सेना दुनिया में 32वें स्थान पर है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसी है भारत की 3 लाख मीट्रिक टन LPG, सरकार ने बताया जहाजों का 'एग्जिट प्लान'
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे भारतीय जहाजों को लेकर भारत सरकार के अधिकारियों ने मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग में ताजा अपडेट दिया. शिपिंग मिनिस्ट्री के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि होर्मुज में अब भी भारतीय ध्वज वाले करीब 22 जहाज फंसे हैं, जिनमें से 6 लिक्विड पेट्रोलियम गैस कैरियर हैं. इन जहाजों की भी होर्मुज से सुरक्षित निकासी के लिए ईरान के साथ बातचीत चल रही है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का आज 18वां दिन है. ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले जारी हैं. वहीं ईरान की ओर से भी लगातार जवाबी हमले हो रहे हैं. ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अहम चेहरा लारीजानी को लेकर आई है. इजरायल के रक्षा मंत्री ने दावा किया है कि लारीजानी को हमले में मार दिया गया है. इजराइल का एक और बड़ा दावा है कि उसके हमले की जद में बसीज कमांडर भी आए हैं. दावे के मुताबिक बसीज पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी को भी निशाना बनाया गया. बसीज, ईरान की एक अहम पैरामिलिट्री फोर्स है, जो आंतरिक सुरक्षा और विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भूमिका निभाती है. खबर ये भी है कि लारीजानी के दफ्तर से दावा है कि कुछ देर में संदेश जारी होगा. लेकिन इजरायल सीधा दावा कर रहरा है कि हमले में लारीजानी को मार दिया गया है.

ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अहम चेहरा अली लारीजानी को इजरायल ने टारगेट किया है. हालांकि ये अब तक साफ नहीं है कि अली लारीजानी की स्थिति कैसी है. इजराइल का एक और बड़ा दावा है कि उसके हमले की जद में बसीज कमांडर भी आए हैं. दावे के मुताबिक बसीज पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी को भी निशाना बनाया गया. बसीज, ईरान की एक अहम पैरामिलिट्री फोर्स है, जो आंतरिक सुरक्षा और विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भूमिका निभाती है.

एक तरफ अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे है. वहीं दूसरी तरफ हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल की जंग जारी है. इजरायल ने एक बार फिर लेबनान में हमला किया. लेबनान की राजधानी बेरूत में इजरायली एयर फोर्स ने एयर स्ट्राइक की. हिज्बुल्लाह के ठिकानों को इजरायल ने निशाना बनाया, हमले के बाद बेरूत के कई इलाकों में धमाके की आवाज सुनी गई. हमले के बाद काला धुआं भी उठता देखा गया.









