
अमेरिका के अलग-अलग शहरों में गोलीबारी, 2 की मौत, 30 घायल
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अमेरिका के ऑस्टिन, शिकागो, सवाना, जॉर्जिया में हुए हमलों में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. अमेरिका में अचानक बंदूक से होने वाली हिंसा की खबरें बढ़ी हैं. दावा किया जा रहा है कि कोविड नियमों से ढील की वजह से एक बार फिर हिंसक झड़पें बढ़ सकती हैं.
अमेरिका एक बार फिर तीन राज्यों में हुई गोलीबारी से थर्रा गया. गोलीबारी में 2 लोगों की मौत हो गई और कम से कम 30 अन्य घायल हो गए. शनिवार की दोपहर तक किसी भी हमले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है. टेक्सास की राजधानी ऑस्टिन, शिकागो, सवाना और जॉर्जिया में शुक्रवार और शनिवार के बीच गोलीबारी हुई लेकिन हमलावर अब भी पुलिस की गिरफ्त से बेहद दूर हैं. सुरक्षा अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि बंदूक से होने वाली हिंसा में बढ़त देखी जा सकती है क्योंकि कोरोना प्रतिबंधों में ढील दी गई है, वहीं अब ज्यादा से ज्यादा लोग घूमने के लिए स्वतंत्र हैं. ऑस्टिन के बार और रेस्त्रां में अधिकारी हमलावरों की तलाश करते नजर आए. पुलिस को 2 संदिग्ध लोगों की तलाश है. पुलिस का दावा है कि दो अलग-अलग गुटों में हुई झड़प के बाद कम से कम 14 लोग घायल हो गए, जिनमें से 2 की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है. फ्रांस में मुस्लिम महिला के चुनाव लड़ने पर मचा बवाल, मैक्रों की हुई किरकिरी
युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.







