
अमेरिका की सियासत में भारतीय मूल के नागरिकों का दबदबा कायम, एक और भारतवंशी पहुंचेगा संसद!
AajTak
अमेरिका में सबसे युवा भारतीय मूल के अमेरिकी नीरज अंतानी ने ओहायो के दूसरे कांग्रेस जिले से संसद के लिए दावेदारी का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि ओहायो के इतिहास में पहले हिंदू और भारतीय मूल के अमेरिकी सीनेटर के रूप में मैंने यह सुनिश्चित किया है कि हर दिन कड़ी मेहनत करूंगा.
अमेरिका की राजनीति में भारतीय मूल के नागरिकों का दबदबा कायम है. अब एक और भारतवंशी नीरज अंतानी (Niraj Antani) ने अमेरिकी संसद के लिए अपनी दावेदारी पेश की है. उन्होंने ओहायो के दूसरे कांग्रेस डिस्ट्रिक्ट से सांसद पद की दावेदारी का ऐलान किया है.
नीरज अंतानी अगले साल मार्च में रिपब्लिकन प्राइमरी का चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि वह ओहायो के पहले हिंदू और भारतीय मूल के सबसे युवा अमेरिकी नागरिक हैं. उन्होंने कहा कि एक अमेरिकी के तौर पर मेरा मानना है कि अमेरिकी सपने खतरे में हैं. ऐसे बहुत लोग हैं, जिनके लिए अपने सपने पूरे करना बहुत बड़ी चुनौती है. मैं ऐसे ही अमेरिकी सपनों की रक्षा के लिए सांसदी का चुनाव लड़ रहा हूं.
उन्होंने ओहायो के दूसरे कांग्रेस जिले से सांसदी के लिए दावेदारी का ऐलान करते हुए कहा कि मैंने यह सुनिश्चित किया है कि हर दिन कड़ी मेहनत करूंगा. मैं हमारे समुदाय के लिए कांग्रेस का कभी ना थकने वाला योद्धा बनूंगा. मैं हमारे साझा मूल्यों और आदर्शों के लिए बिना रुके काम करूंगा. ओहायो के दूसरे कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में 150 मील की दूरी में फैली 16 काउंटी हैं.
उन्होंने कहा कि मैं उन नीतियों के लिए मजबूती से खड़ा रहूंगा, जो हमारे समुदाय को लाभ पहुंचाती हैं और उन लोगों का कड़ा विरोध करता रहूंगा, जो इसके खिलाफ हैं. अगर वह चुने जाते हैं तो वह कांग्रेस के सबसे कम उम्र के भारतीय अमेरिकी और अमेरिकी इतिहास में कांग्रेस के पहले रिपब्लिकन हिंदू सदस्य बन जाएंगे.
बता दें कि अंतानी ने यह ऐलान ऐसे समय में किया है, जब ओहायो के दूसरे कांग्रेस जिले का प्रतिनिधित्व करने वाले रिपब्लिकन सांसद ब्रैड वेनस्ट्रप ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया.
कौन हैं नीरज अंतानी?

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











