
अमेरिका और फ्रांस ने की PM मोदी की तारीफ, कहा- 'समरकंद में पुतिन को दिया संदेश पूरी तरह सही'
AajTak
अमेरिका और फ्रांस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर प्रशंसा की है. दरअसल, पीएम ने हाल ही में समरकंद में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत के दौरान कहा था कि ये युद्ध का समय नहीं है. पीएम मोदी के इस बयान को लेकर अमेरिका और फ्रांस का कहना है कि पीएम मोदी ने जो संदेश दिया है, वह पूरी तरह से सही है.
अमेरिका और फ्रांस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है. जहां अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा कि पीएम मोदी ने समरकंद में रूसी राष्ट्रपति पुतिन से जो कहा, वह पूरी तरह से सही था. वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी UNGA में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की.
एजेंसी के मुताबिक व्हाइट हाउस की ओऱ से कहा गया कि पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को संदेश दिया, वह पूरी तरह से सही है. अमेरिका इस बयान का स्वागत करता है. पीएम मोदी की टिप्पणी पर एक सवाल का जवाब देते हुए अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जो कहा वह पूरी तरह से सही है.
वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने UNGA में कहा कि पीएम मोदी ने समरकंद में सही कहा था कि ये समय युद्ध का नहीं है. पश्चिम से बदला लेने का या पूर्व के खिलाफ पश्चिम का विरोध करने का नहीं है. यह हमारे जैसे संप्रभु राष्ट्रों के सामने आने वाली चुनौतियों का सामना करने का समय है.
क्या कहा था पीएम मोदी ने पुतिन से
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान के समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में द्विपक्षीय बैठक के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत के दौरान कहा था कि ये युद्ध का समय नहीं है. मैंने आपसे कॉल पर भी इसके बारे में बात की थी. आज हमें इस बारे में बात करनी होगी कि हम शांति कैसे स्थापित करें. प्रगति के मार्ग को कैसे प्रशस्त करें. भारत और रूस कई दशकों तक एक-दूसरे के साथ रहे हैं.
पुतिन ने ये कहा था पीएम मोदी से

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











