
अमित शाह ने बनाया बंगाल को फतह करने का प्लान, समझें ममता के दुर्ग में बीजेपी के सामने क्या मुश्किलें हैं?
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का भले ही औपचारिक घोषणा न हुई हो, लेकिन चुनावी अभियान का आगाज हो चुका है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बंगाल चुनाव की कमान अपने हाथों में ले ली है और ममता बनर्जी के दुर्ग को भेदने की प्लानिंग शुरू कर दी है. हालांकि, बीजेपी के लिए बंगाल की चुनाव जंग फतह करना आसान नहीं है?
साल 2026 के साथ पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव का सियासी माहौल पूरी तरह गर्मा चुका है. बीजेपी इस चुनाव को महज राज्य की लड़ाई नहीं, बल्कि अपनी राष्ट्रीय साख से जुड़ा महत्वपूर्ण मुकाबला मान रही है. बंगाल से उसे पिछले चुनाव में भी बहुत उम्मीद थी, लेकिन वह पूरी हो सकी थी. इस बार बीजेपी ममता बनर्जी के सियासी दुर्ग को भेदकर हरहाल में कमल खिलाना चाहती है.
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अभी से ही पश्चिम बंगाल चुनाव की कमान खुद संभाली है, लेकिन बीजेपी के इस राह में कई सियासी बाधाएं हैं. ऐसे में अमित शाहने तीन दिनों तक कोलकाता में डेरा जमाकर सिर्फ बंगाल के सियासी नब्ज को ही नहीं समझा बल्कि सियासी रणनीति के साथ ममता के गढ़ में सेंध लगाने की पूरी प्लानिंग की है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को राज्य की 294 में से दो-तिहाई सीटें जीतने का बड़ा टारगेट दिया है. इसके लिए उन्होंने घुसपैठ से लेकर सोनार बांग्ला तक 5 ऐसे मंत्र दिए हैं, जिसके इर्द-गिर्द ही बीजेपी ममता बनर्जी को घेरती नजर आएगी. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ममता के गढ़ को भेदना बीजेपी के लिए आसान है?
बंगाल के लिए शाह ने बनाया खास प्लान?
अमित शाह ने बंगाल के तीन दिवसीय दौरे के दौरान विधानसभा चुनाव के लिए जिस प्रचार अभियान की नींव रखी है, वह पांच मुख्य मुद्दों पर केंद्रित है. शाह ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जब वे वोटरों के बीच जाएं, तो इन्हीं पांच बातों को प्रमुखता से रखें. बीजेपी बंगाल में घुसपैठ की समस्या, वंदे मातरम, जय श्री राम, सोनार बांग्ला का निर्माण और. बंगाल की विरासत को दोबारा स्थापित करने का एजेंडा सेट कर रही है. गृह मंत्री का मानना है कि यही वो भावनात्मक और जमीनी मुद्दे हैं जो बंगाल की जनता को बीजेपी के पक्ष में एकजुट करेंगे.
अमित शाह के एजेंडे में सबसे ऊपर और सबसे आक्रामक मुद्दा घुसपैठ का है. उन्होंने कार्यकर्ताओं को दो टूक शब्दों में कहा है कि वे जनता के बीच जाकर इस मुद्दे को पूरी ताकत से उठाएं. गृह मंत्री का साफ कहना था कि अगर पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनती है, तो एक-एक घुसपैठिये को चुन-चुन कर बाहर निकाला जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने बंगाल के गौरव को फिर से लौटाने के मुद्दे के धार देने की है. सोनार बांग्ला का निर्माण सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि बीजेपी का मुख्य चुनावी वादा है.

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